पेंड्रा में जिला साहित्यकार समिति और आनंद फाउंडेशन ने पंडित माधवराव सप्रे प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में एक साहित्य और काव्य संध्या का आयोजन किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. सुरेंद्र दुबे और विनोद कुमार
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कार्यक्रम का उद्देश्य पेंड्रा की धरती पर साहित्य को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम संयोजक कवि आशुतोष आनंद दुबे ने अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह आयोजन पूर्वजों के आशीर्वाद और महान साहित्यिक विभूतियों की प्रेरणा से संभव हुआ है।
कार्यक्रम में साहित्यकारों के साहित्यिक योगदान को याद किया गया
दुबे ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, उनकी जीवन की चुनौतियों से जुड़ी रचनाओं, डॉ. सुरेंद्र दुबे द्वारा हास्य-व्यंग्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और विनोद शुक्ल की सीधी-सरल भाषा में जीवन के यथार्थ को रचने की कला को याद किया। उन्होंने कहा कि यह उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखने का अवसर है।
काव्य संध्या में हास्य, जीवनकथा और बाल कवियों की प्रस्तुति से सजी शाम
मंचासीन कामता प्रसाद शर्मा ने अपनी ठेठ भाषा में रचित हास्य कविताओं से माहौल को खुशनुमा बनाया। रचना शुक्ला ने अटल जी और शुक्ल जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन भीष्म त्रिपाठी ने किया।
इस काव्य संध्या में 30 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। इनमें बाल कवियों की भी सहभागिता रही।
काव्य पाठ करने वालों में दुर्गेश दुबे, सौरभ दुबे, शत्रुघन प्रसाद राय, रश्मि नामदेव, मीनाक्षी केशरवानी, ऋचा यज्ञेश, बाल कवि मोहित खांडेकर, श्रवण कुमार साहू, साहिल श्रीवास, स्वास्तिका चटर्जी, श्रीमती निष्ठा ताम्रकार, सचिन राज, निष्ठा दुबे और श्रेयांश पाण्डेय शामिल थे। इन सभी कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
