पुलिस द्वारा पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, कुशल और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। रिजर्व पुलिस लाइन में उन सहायक उप निरीक्षकों (ASI) और हेड कांस्टेबलों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया, जो हाल ही में अपना ‘प्रमोशन कैडर कोर्स’ (PCC) प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटे हैं। कार्यक्षमता और आधुनिक पुलिसिंग पर जोर प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य पदोन्नत होकर आए अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि नई जिम्मेदारी के साथ पुलिस अधिकारियों को आधुनिक पुलिसिंग की बारीकियों और बदलती कानूनी चुनौतियों से अवगत होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी अधिकारियों की टीम तैनात की गई है।
‘केस स्टडी’ से मिलेगी व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ ‘केस स्टडी’ (Case Study) के माध्यम से वास्तविक अपराधों और कानून-व्यवस्था की स्थितियों का विश्लेषण कराया जा रहा है। इससे अनुसंधान अधिकारियों (IOs) को फील्ड में तत्काल और सटीक निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। अनुसंधान की समस्याओं का होगा समाधान अक्सर अनुसंधान के दौरान पुलिस अधिकारियों को कई तकनीकी और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। सेमिनार में इन दैनिक समस्याओं पर चर्चा की गई और विशेषज्ञों द्वारा उनके प्रभावी समाधान बताए गए। ट्रेनिंग का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि कैसे एक जांच अधिकारी (IO) अपनी केस डायरी और साक्ष्य संकलन को इतना मजबूत बनाए कि अपराधियों को सजा सुनिश्चित की जा सके।
Source link
