हनुमानगढ़ में शुक्रवार को गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़ाने, बारदाना उपलब्ध कराने और खरीद अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों, मंडी मजदूरों और माकपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10:30 बजे अग्रसेन चौक पर सड़क जाम कर विरोध जताया गया। यह चौक श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ मार्ग और संगरिया-सूरतगढ़ बाईपास का महत्वपूर्ण जंक्शन है। हालांकि, यातायात को अन्य मार्गों पर मोड़कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगीं। मंडियों में कामकाज प्रभावित हुआ
इस आंदोलन के कारण जिले की मंडियों में कामकाज प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर गेहूं खरीद प्रक्रिया ठप रही। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मौजूदा खरीद व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिले में गेहूं का उत्पादन अधिक होने के बावजूद खरीद लक्ष्य बहुत कम निर्धारित किया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि खरीद सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो लगभग 40 प्रतिशत गेहूं समर्थन मूल्य पर बिकने से वंचित रह जाएगा। मंडियों में हजारों कट्टे खुले में पड़े हैं और बारदाने की कमी के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार पर खरीद व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप
माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने बताया कि इस साल की बिगड़ी खरीद व्यवस्था से छोटे और मध्यम वर्ग के किसान सर्वाधिक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्पादन बढ़ा है, लेकिन सरकार ने गेहूं का खरीद लक्ष्य पिछले साल से कम कर दिया है। वर्मा ने यह भी जोड़ा कि गेहूं की खरीद व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से भी जुड़ी है, और यदि सरकार गेहूं नहीं खरीदेगी तो जरूरतमंद लोगों को सस्ते दरों पर गेहूं नहीं मिल पाएगा। आंदोलन तेज करने की चेतावनी
माकपा नेता वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अभी भी ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के अलावा जिले की कई अन्य मंडियों में भी खरीद ठप रही। खरीद रुकने के कारण हनुमानगढ़ मंडी में गेहूं की ढेरियां जस की तस पड़ी रहीं। लगातार बदलते मौसम के कारण भी किसान चिंतित हैं, और ऐसे में खरीद में हो रही देरी उनकी परेशानी को बढ़ा रही है। गौरतलब है कि जिले में करीब 8 लाख मीट्रिक टन गेहूं का खरीद लक्ष्य तय किया गया है। अभी लक्ष्य के मुकाबले तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद लंबित है। इधर किसान व अन्य संगठन खरीद का लक्ष्य और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
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