रेवाड़ी के गांव जीतपुरा इस्तमुरार और रोजका की पंचायतें अलग-अलग करने को लेकर शुक्रवार को ग्राम सभा ने अपनी सहमति दे दी। ग्राम सभा की मंजूरी के साथ ही इस फैसले पर मुहर लग गई है। अब छुट्टियों के बाद पंचायत की बैठक बुलाकर इस निर्णय को औपचारिक रूप से पारित करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले 18 और 21 जनवरी को कोरम पूरा न होने के कारण ग्राम सभा की बैठकें रद्द करनी पड़ी थीं। सरपंच बोलीं- ग्राम सभा में हुआ फैसला गांव की सरपंच बीना देवी ने कहा कि दोनों गांवों में करीब दो हजार मतदाता हैं। ग्राम सभा की तीसरी बैठक में रोजका और जीतपुरा इस्तमुरार की पंचायतें अलग अलग करने और विकास कार्यों के प्रस्ताव पास किए गए हैं। शुक्रवार को हुई ग्राम सभा की बैठक में करीब 400 ग्रामीण शामिल हुए। इससे पहले कोरम के अभाव में ग्राम सभा की बैठकें दो बार रद्द करनी पड़ी थी। अब छुट्टियों के बाद ग्राम सभा की बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें ग्राम सभा में पास प्रस्तावों पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब दोनों गांव के बारे में जानिए दोनों गांवों में करीब दो हजार मतदाता है। जिनमें से रोजका में करीब 1900 और जीतपुरा इस्तमुरार 950 हैं। पंचायत की सरपंच बीना देवी रोजका की रहने वाली हैं। रोजका मे चार और जीतपुरा इस्तमुरार में पांच पंच हैं। रद्द हुई दूसरी ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों ने दोनों गांवों की पंचायतें अलग करने का ज्ञापन डीसी के नाम सौंपा था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांव की दूरी करीब ढाई किलोमीटर है। जरूरी कार्यों के लिए सरपंच के पास आने जाने में परेशानी होती है। राजस्व रिकॉर्ड भी अलग अलग है और एक पंचायत होने से विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। नियमानुसार होगी कार्रवाई- बीडीपीओ बीडीपीओ धारूहेड़ा सुरजीत सिंह ने कहा कि ग्राम सभा ने यदि अलग अलग पंचायत बनाने का प्रस्ताव किया है, तो अब उस पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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