जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बेतिया में बिहार नवनिर्माण अभियान के दूसरे दिन पश्चिम चंपारण जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक मजबूती और राज्य की मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जन सुराज के साथियों और संगठन से जुड़े लोगों से लगातार मुलाकात कर यह समीक्षा की जा रही है कि संगठन को और अधिक मजबूत कैसे बनाया जाए। इसका उद्देश्य बिहार नवनिर्माण अभियान को जन-जन का सहयोग दिलाना है। 6 महीने बाद भी नहीं मिली राशि
प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की महिलाओं को दो लाख रुपए देने का वादा किया गया था। हालांकि, छह महीने बीत जाने के बावजूद महिलाओं को यह राशि नहीं मिली है। उन्होंने जोर दिया कि जन सुराज की कोशिश है कि इस मुद्दे पर संगठनात्मक रूप से पूरी तैयारी रखी जाए, ताकि महिलाओं को उनका हक जल्द मिल सके।राहुल गांधी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव और संसद में बोलने नहीं दिए जाने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने अपनी राय रखी। लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार
उन्होंने कहा कि यह मामला लोकसभा से जुड़ा है, लेकिन यदि विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा, तो विरोध होना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे लोकतंत्र में विरोध करने का उनका अधिकार बताया। बिहार में बढ़ते महिला अपराध पर प्रशांत किशोर ने ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जनता से कानून व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार खत्म करने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। आज महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं
हालांकि, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, और भ्रष्टाचार पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है।UGC से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए। वहीं, भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा लगाए गए मानहानि के आरोप पर प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अदालत जो भी निर्णय देगी, वह मान्य होगा।
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