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हरियाणा में 10 हजार रजिस्ट्री अटकीं, DRO को मिली पॉवर: तहसीलदारों की हड़ताल, 2 नायब तहसीलदार व पंचकूला तहसीलदार पर कार्रवाई से नाराज – Panchkula News

हरियाणा में 10 हजार रजिस्ट्री अटकीं, DRO को मिली पॉवर:  तहसीलदारों की हड़ताल, 2 नायब तहसीलदार व पंचकूला तहसीलदार पर कार्रवाई से नाराज – Panchkula News

हरियाणा में तहसीलदारों की हड़ताल से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने DRO को रजिस्ट्री की पॉवर सौंपी है। सभी जिलों में आज डीआरओ रजिस्ट्री करेंगे, हड़ताल से आज लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यालय पर DRO तथा उप तहसीलों व उपमंडल पर SDM रजिस्ट्री करेंगे। प्रदेश भर में हड़ताल के कारण 10077 रजिस्ट्री पेंडिंग हो गई हैं। हरियाणा के गुरुग्राम में सबसे अधिक 2435 रजिस्ट्री पेंडिंग हैं तथा हांसी में कोई रजिस्ट्री पेंडिंग नहीं है। फरीदाबाद में 713, सोनीपत में 647 व रेवाड़ी में 523 रजिस्ट्री पेंडिंग हैं। रजिस्ट्री पेंडिंग होने के कारण लोगों को परेशान के साथ-साथ प्रदेश सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। शुक्रवार को प्रदेश भर में केवल पंचकूला में एक रजिस्ट्री हुई थी। जिससे प्रदेश सरकार को केवल 14 लाख रुपए का राजस्व मिला था। वीरवार को शुरू हुई हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानी आ रही है।
रेवेन्यू के लिए अफसर, दूसरे कामों के लिए नहीं
हरियाणा में रजिस्ट्री बंद होते ही प्रदेश सरकार का रेवेन्यू बंद हो गया। जिस पर सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए डीआरओ और एसडीएम को पॉवर सौंपी है। लेकिन तहसीलदार व नायब तहसीलदार के पोर्टल से ऐसी काफी सेवाएं हैं, जिनके लिए किसी को भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इसमें डोमिसाइल, विवाह पंजीकरण, जमाबंद व इंतकाल जैसे कार्य शामिल हैं। 3 पॉइंट में जानिए हड़ताल की वजह तीन अधिकारियों पर कार्रवाई से भय का माहौल: हरियाणा के गुरुग्राम के वजीराबाद में नायब तहसीलदार, नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार संजीव अत्री व पंचकूला के रायपुर रानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को सस्पेंड किए जाने के बाद तहसीलदार व नायब तहसीलदार नाराज हैं। रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के अनुसार उन पर कार्रवाई करके भय का माहौल बनाया जा रहा है।ऐसे हालात में उनके लिए काम कर पाना मुश्किल हो रहा है। जमीन मामले में विक्रम सिंगल पर कार्रवाई: जिस जमीन की रजिस्ट्री के लिए तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया गया है, वो पर्ल ग्रुप से जुड़ी है। ये 17 एकड़ जमीन भी रायपुर रानी में ही स्थित है। ACB के मुताबिक, 2017 में CBI जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे लगाया था। इसके बाद भी तहसीलदार विक्रम ने जमीन की रजिस्ट्री हांसी के बड़ाला गांव के रहने वाले नवीन के नाम पर कर दी। विक्रम सिंगला को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद विभाग ने 3 फरवरी को सस्पेंड भी कर दिया। जमीन पंजीकरण में नायब तहसीलदार सस्पेंड : हरियाणा सरकार ने मंगलवार को यहां एम.जी. रोड पर कथित तौर पर अवैध संपत्ति के पंजीकरण मामले में वजीराबाद के नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शाम के समय वित्त आयुक्त एवं सचिव (राजस्व) सुमिता मिश्रा ने निलंबन आदेश जारी किए।जांच में पाया गया कि ये पंजीकरण ‘नगर एवं ग्रामीण नियोजन’ (टीसीपी) विभाग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए किए गए थे। 3 पॉइंट में जानिए तहसीलदारों की डिमांड धारा 17A के उल्लंघन का आरोप : एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत लोक सेवकों को प्राप्त वैधानिक संरक्षणों को नजरअंदाज कर जांच और कार्रवाई शुरू की गई, जबकि कानून के अनुसार कर्तव्य निर्वहन से जुड़े मामलों में जांच से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक है। स्टाम्प अंडर-वैल्यूएशन मामलों पर आपत्ति: ज्ञापन में कहा गया कि स्टाम्प शुल्क के कथित कम मूल्यांकन से जुड़े मामलों को भारतीय स्टाम्प अधिनियम की धारा 47A के तहत निपटाने के बजाय उन्हें आपराधिक रंग दिया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे मामलों के लिए कानून में पहले से स्पष्ट प्रक्रिया तय है। सरकार से हस्तक्षेप की अपील: एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो पंजीकरण कार्य से जुड़ा पेन-डाउन आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि कानून के शासन और ईमानदार अधिकारियों के वैधानिक संरक्षण की रक्षा करना है।



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