मुख्य बातें

उद्योगपति एसपी ओसवाल से ठगी केस में एक और अरेस्ट: डिजिटल अरेस्ट कर 7 करोड़ हड़पे, कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट लाया, मुख्य आरोपी का करीबी – Ludhiana News

उद्योगपति एसपी ओसवाल से ठगी केस में एक और अरेस्ट:  डिजिटल अरेस्ट कर 7 करोड़ हड़पे, कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट लाया, मुख्य आरोपी का करीबी – Ludhiana News

लुधियाना में 7 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में जांच कर रही लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक और आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। आरोपी अर्पित राठौर को कपूरथला जेल से लाकर स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। यह मामला पद्म भूषण से सम्मानित उद्योगपति और वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एसपी ओसवाल से जुड़ा है, जिनसे कथित तौर पर 7 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। गिरफ्तार आरोपी असम के मुख्य आरोपी का करीबी बताया जा रहा। पुलिस के अनुसार, अर्पित राठौर असम के मुख्य आरोपी रुमी कलिता का करीबी सहयोगी है। आरोप है कि उसने गुवाहाटी के एक अन्य आरोपी अतनु चौधरी के बैंक खाते का इस्तेमाल किया। इस मामले में की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। रूमी कलिता और अर्पित राठौर को पहले ही ED द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और दोनों कपूरथला जेल में बंद थे। ED की एंट्री से जांच में नए एंगल लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने बताया कि अर्पित राठौर की भूमिका सामने आने के बाद उसे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में ED की एंट्री के बाद जांच में कई नए पहलू सामने आ रहे हैं, जिन पर पुलिस गहराई से काम कर रही है। पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां साइबर क्राइम पुलिस ने इससे पहले मई 2025 में अतनु चौधरी को गिरफ्तार किया था। चौधरी और आनंद कुमार को सितंबर 2024 में भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद वह जांच में शामिल नहीं हुआ। जांच के दौरान कई अन्य सहयोगियों की पहचान भी की गई, जिनमें निमी भट्टाचार्जी, आलोक रंगी, गुलाम मोर्तजा, संजय सूत्रधार, रिंटू, रूमी कलिता और जाकिर शामिल हैं। इनमें से रूमी कलिता और अर्पित राठौर को ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 31 अगस्त 2024 को दर्ज हुई थी FIR लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 31 अगस्त 2024 को FIR दर्ज की थी। आरोप है कि ठगों ने एसपी ओसवाल से 7 करोड़ रुपए ठगे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात के दौरान उद्योगपति को लगातार निगरानी में रखा। उन्हें स्काइप कैमरा ऑन रखने के लिए मजबूर किया गया और किसी को फोन या मैसेज न करने के निर्देश दिए गए, ताकि ठगी को अंजाम दिया जा सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *