लखनऊकुछ ही क्षण पहले
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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि रामभद्राचार्य को पहले ही जेल भेज देना चाहिए था। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय उन पर दर्ज मुकदमा वापस लिया गया था। अखिलेश ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बच्चों के यौन शोषण मामले में दर्ज FIR को सरकार की दोहरी नीति करार दिया। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर गंभीर उठाए।
अखिलेश ने कहा- शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय सर्दी चरम पर थी। हमारे सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी शंकराचार्य को स्नान से रोका नहीं गया होगा, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि उन्हें स्नान से भी रोका गया। अब यह सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना ढूंढ कर लाई।
सपा प्रमुख ने कहा- अगर शिकायतकर्ता रामभद्रचार्य का शिष्य है तो मुझसे गलती हुई है कि मैंने कभी रामभद्राचार्य पर जो मुकदमा था, वह वापस लिया था। मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं, लेकिन आप इस स्तर तक चले जाएंगे कि आप ऐसे आरोप लगवाएंगे। इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार अब बचने वाली नहीं है।
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