नेहरू-गांधी परिवार के करीबी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव योगेंद्र मिश्रा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे लगभग 60 वर्ष के थे। उन्होंने गौरीगंज स्थित जिला चिकित्सालय में अंतिम सांस ली। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि योगेंद्र मिश्रा लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय थे। उन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे जमीनी स्तर के नेता के रूप में जाने जाते थे और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी गहरी पकड़ थी।
अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योगेंद्र मिश्रा का जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। शर्मा ने बताया कि मिश्रा जी ने संगठन को मजबूती देने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने भी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि योगेंद्र मिश्रा एक सादगीपूर्ण और कर्मठ नेता थे। उनके निधन से पार्टी ने एक अनुभवी मार्गदर्शक खो दिया है। योगेंद्र मिश्रा के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है। उनके समर्थक, शुभचिंतक और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी शोक संवेदना व्यक्त की है। योगेंद्र मिश्रा का निधन न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे अमेठी जिले के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
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