हरदा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने जिले में नरवाई/पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है, जो आगामी तीन माह तक जिले की सीमा में प्रभावी रहेगा। जारी आदेश में बताया गया है कि रबी फसल की कटाई के बाद गेहूं, चना, सरसों और मक्का के अवशेष (नरवाई/पराली) जलाने से हानिकारक गैसें और धुआं उत्पन्न होता है। इससे मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि भूमि की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, साथ ही मिट्टी के सूक्ष्म जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादक क्षमता प्रभावित होती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत नरवाई जलाना पहले से ही प्रतिबंधित है। जिले में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार अर्थदंड भी लगाया जाएगा, जिसकी वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी। कलेक्टर ने आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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