मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में विकास की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने, नवाचारों को प्रोत्साहन देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसे फैसलों से प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राजस्थान में निवेश करने वाली उद्यमियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी तथा उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) राजस्थान के वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निकायों तक के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 34 नई नीतियों से विकास को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 34 नई नीतियां लाई है, जिससे उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिले। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भी मजबूत हुई है, महिला अत्याचारों के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी भी आई है तथा पुलिस को पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ ही सड़क नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया गया है। एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से जिले की स्थानीय विशिष्टताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए हमारी सरकार युवा नीति लाई है, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सीएम ने युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के नियुक्ति पत्र तथा महिलाओं को उद्यमिता के लिए वाउचर पत्र भी सौंपे। वित्तीय सहायता का तय समय-सीमा के भीतर उपयोग किया जाए: सीएम मुख्यमंत्री ने गुरूवार को सीएमओ में केन्द्र सहायता प्राप्त योजनाओं को लेकर बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं में मिलने वाली वित्तीय सहायता का तय समय-सीमा के भीतर उपयोग किया जाए, ताकि राज्य को केन्द्र से निधि हस्तांतरण सतत रूप से हो। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राज्य के सर्वांगीण विकास और महिला, युवा, किसान, मजदूर सहित सभी वर्गों के उत्थान का प्रमुख माध्यम है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुधार में इन योजनाओं की बड़ी भूमिका है। इन योजनाओं में प्राप्त निधि के समय पर उपयोग से अंतिम छोर के व्यक्ति को राहत मिलती है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन), चिकित्सा शिक्षा, स्वायत्त शासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, समेकित बाल विकास सेवाएं विभागों के अन्तर्गत संचालित केन्द्र सहायता प्राप्त योजनाओं की वित्तीय प्रगति के संबंध में अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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