दमोह जिले की जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत मुंडेरी के बंधना गांव में श्मशान घाट न होने के कारण ग्रामीणों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार खेतों में करना पड़ रहा है। यह स्थिति कई वर्षों से बनी हुई है। हाल ही में, रविवार को ग्रामीण श्यामलाल झारिया की पत्नी शील रानी के निधन के बाद, उनके परिजनों को खेत में ही अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह गांव में श्मशान घाट की कमी के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का एक ताजा उदाहरण है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मियों में खेतों में अंतिम संस्कार करने से आग लगने का खतरा रहता है। वहीं, बरसात के मौसम में शव को कीचड़ भरे रास्तों से ले जाना पड़ता है, जिससे स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। हल्ले झारिया, गणेश झारिया, दीपक, बिहारी लाल, महेंद्र झारिया, गेंदालाल झारिया, श्याम लाल और सत्येंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने चार वर्ष पहले तहसीलदार से शासकीय जमीन चिह्नित कर श्मशान घाट के लिए आवंटित करने और उसके निर्माण की मांग की थी। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। शासकीय जमीन नहीं हुई आवंटित ग्राम सरपंच प्रकाश धुर्वे ने इस संबंध में बताया कि गांव में श्मशान घाट के लिए शासकीय जमीन आवंटित न होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की पहल की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से एक बार फिर जल्द से जल्द जमीन आवंटित कर श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे उन्हें अपने खेतों का उपयोग अंतिम संस्कार के लिए नहीं करना पड़ेगा और मृत परिजनों का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार हो सकेगा।
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