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6 बेटियों के बाद हुए 2 बेटे, कर्ज ने छीने: 12 एकड़ से 5 कनाल तक सिमटी जमीन, फरीदकोट में ट्रेन के आगे कूदे – Jalandhar News

6 बेटियों के बाद हुए 2 बेटे, कर्ज ने छीने:  12 एकड़ से 5 कनाल तक सिमटी जमीन, फरीदकोट में ट्रेन के आगे कूदे – Jalandhar News

फरीदकोट में 2 भाइयों ने हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। गांव हरि नौ के पास से गुजरती रेल लाइन पर दोनों के शव पड़े मिले। 6 बेटियों के बाद पैदा हुए जरकरण (38) और जसविंदर (34) के पिता बलवीर घटना के बाद से बेसुध हैं। जब उनसे पूछा कि कैसे ये सब हो गया तो हाथ हिलाते हुए कहा मेरा दीमाग काम नहीं कर रहा। परिवार से दुख साझा करने पहुंचे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि दोनों खेतीबाड़ी पर निर्भर थे। घर के खर्च चलाते-चलाते सिर पर 35 लाख का कर्ज हो गया। दोनों में बहुत प्यार था और किसी को बिना बताए ट्रेन के आगे कूद गए। हजारों किसानों ने पंजाब में आत्महत्या की है। लेकिन ऐसी पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि कर्ज से तंग दोनों भाइयों और पंजाब में खेती के हालात क्या हैं, ये उनके घर को देखते ही समझ आ जाता है। घर के लिए एक कच्ची सड़क है। पुराने दरबाजे, जर्जर खिड़कियां और बिना रेलिंग वाली सीढ़ी घर की गरीबी को अच्छे से बयां कर देती है। घर बने 10 साल हो गए। लेकिन दीवारों पर प्लास्ट नहीं करवा पाए। पत्नियों और बच्चों के चेहरों पर दुख साफ नजर आया। 8 और 10 साल की 2 छोटी बेटियों को ये भी पता नहीं कि ये सब क्यों हुआ। किसानी क्या है। बुजुर्ग मां और पिता इसी सोच में है कि अब परिवार का क्या होगा। मंगलवार को दोनों भाइयों का गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोमवार (23 मार्च) को चलती ट्रेन के आगे दोनों भाई कूदे थे। दोनों किसान भाइयों की संघर्ष से मौत तक की कहानी… खेत में 3 कमरों का घर, गाय-भैंस रखीं
गांव के बाहरी इलाके में उनके खेत पर बना 3 कमरों का घर है। घर के एक हिस्से में उन्होंने अपनी इनकम बढ़ाने और खर्च कम करने के प्रयास में गाय, भैंस और बकरियां रखी हुई हैं। चचेरे भाई कुलदीप सिंह ने कहा कि दोनों ने अपने कर्ज को कम करने का हर संभव प्रयास किया। लेकिन बोझ बढ़ता गया। सरपंच बोले- घाटे की खेती ने परिवार तबाह कर दिया
गांव हरि नौ के सरपंच गुरजीत सिंह ने कहा कि खेती सेक्टर में लगातार घाटे ने एक परिवार को तबाह कर दिया। 2 विधवा पत्नियां, 8 और 10 साल की 2 छोटी बेटियां और बुजुर्ग माता-पिता अब किसके सहारे जीएंगे। सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग
किसान नेता डल्लेवाल ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। परिवार से दुख जताने पहुंचे कार्यकारी मजिस्ट्रेट गुरचरण सिंह बराड़ ने कहा कि जिला प्रशासन उनके कर्ज के बारे में पूरी जानकारी जुटा रहा है। परिवार की सहायता के लिए हर संभव कोशिश होगी।



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