विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के हैदरगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार रात मौसम अचानक बदल गया। रात करीब 11 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में तैयार खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं और चने की खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं। जिन किसानों की फसलें कटकर खलिहानों में रखी थीं, उन्हें भी भारी नुकसान की आशंका है। बारिश और ओलों के कारण कटी हुई फसलें भीग गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा। गांवों में तेज हवाओं ने रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाया। कई कच्चे मकानों के कबेलू उड़ गए, जबकि टीन और फाइबर की चादरें हवा में उखड़कर दूर जा गिरीं। आंधी के कारण घरों की छतों पर रखा सामान भी बिखर गया। ग्रामीणों के अनुसार, हैदरगढ़ क्षेत्र के लगभग 4 से 5 गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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