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चंडीगढ़ बीमार बेटी ने एक दिन भी नहीं लगाई क्लास: उपभोक्ता आयोग: फीस ब्याज समेत लौटाने होंगे,नियमों का दिया हवाला, 5 हजार ही लौटाए – Chandigarh News

चंडीगढ़ बीमार बेटी ने एक दिन भी नहीं लगाई क्लास:  उपभोक्ता आयोग: फीस ब्याज समेत लौटाने होंगे,नियमों का दिया हवाला, 5 हजार ही लौटाए – Chandigarh News

चंडीगढ़ सेक्टर-34 स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ दाखिल शिकायत में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने संस्थान को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता से ली गई 45 हजार 294 रुपये की फीस 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाई जाए। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और मुकदमे के खर्च के रूप में 7 हजार रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि संस्थान यह साबित करने में विफल रहा कि छात्रा ने किसी भी दिन कक्षाएं अटेंड की थीं। साथ ही यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता ने पैसे वापस लेने के लिए कई बार कहा, लेकिन उसे समय पर कोई सही जवाब नहीं मिला। संस्थान ने नियमों का दिया हवाला संस्थान की ओर से दलील दी गई कि दाखिले के समय शिकायतकर्ता ने सभी नियमों और शर्तों को स्वीकार किया था। कुल 53 हजार 294 रुपये फीस के रूप में जमा कराए गए थे, जिसमें 5 हजार रुपये सुरक्षा शुल्क शामिल था। संस्थान के अनुसार, छात्रा ने 30 मार्च से 8 मई 2023 तक कक्षाएं लगाईं और बाद में 29 अगस्त 2023 को नियमानुसार केवल 5 हजार रुपये वापस किए गए। हालांकि आयोग ने इस दलील को संतोषजनक नहीं माना और कहा कि जब छात्रा ने कक्षाएं अटेंड ही नहीं कीं, तो पूरी फीस रोकना उचित नहीं है। स्वास्थ्य कारणों से नहीं जा सकी क्लास शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं, जिसके चलते वह एक भी दिन कक्षा में उपस्थित नहीं हो सकी। इस संबंध में संस्थान को ईमेल के माध्यम से सूचित करते हुए फीस वापसी का अनुरोध किया गया था, लेकिन संस्थान की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई। जानिए क्या था पूरा मामला संगरूर जिले के रहने वाले संजीव कुमार ने अपनी बेटी का दाखिला सेक्टर-34 स्थित शिक्षण संस्थान में करवाया था। बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से 31 जनवरी 2023 को प्रवेश लिया गया और कक्षाएं शुरू होने से पहले ही तीन किस्तों में कुल 53 हजार 295 रुपये जमा कराए गए। बाद में स्वास्थ्य समस्याओं के चलते छात्रा कक्षाएं नहीं ले सकी, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने 26 अप्रैल को ईमेल के जरिए फीस वापसी की मांग की। संस्थान द्वारा इनकार किए जाने पर मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा, जहां अब आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए फीस ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।



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