मुख्य बातें

लोरमी में संदीप पाठक के घर के बाहर लिखा ‘गद्दार’: AAP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, कहा- जिसे समझा ‘थिंक टैंक’ वो निकला ‘सैप्टिक टैंक’ – Chhattisgarh News


मुंगेली13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने पर भड़के छत्तीसगढ् के आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar

संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने पर भड़के छत्तीसगढ् के आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता।

मुंगेली जिले के लोरमी में सोमवार दोपहर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन पार्टी में प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक के खिलाफ था, जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है।

आप कार्यकर्ता उनके घर बटहा (मुंगेली) पहुंचे और नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने घर की दीवार पर ‘गद्दार’ लिखकर अपना विरोध जताया। पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर विरोध की तस्वीरें पोस्ट की हैं और लिखा- जिसे ‘थिंक टैंक’ समझा वो ‘सैप्टिक टैंक’ निकला।

पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर विरोध की तस्वीरें पोस्ट की है।

पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर विरोध की तस्वीरें पोस्ट की है।

संदीप पाठक माने जाते थे थिंक टैंक

दरअसल, संदीप पाठक, जिनका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ से रहा है और जिन्हें पार्टी का चुनावी ‘थिंक टैंक’ माना जाता रहा है। AAP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के तौर पर संदीप पाठक ने कई राज्यों में पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति को आकार दिया।

प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक छत्तीसगढ़ की राजनीति को करीब से समझते थे और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ थी।

2016 में संदीप पाठक ने AAP के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

2016 में संदीप पाठक ने AAP के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

संदीप पाठक का छत्तीसगढ़ कनेक्शन

एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले संदीप पाठक की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ से जुड़ी है। मुंगेली जिले के बटहा गांव में रहने वाले किसान शिवकुमार पाठक के बड़े बेटे संदीप का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को हुआ। परिवार में उनसे छोटे भाई प्रदीप पाठक और बहन प्रतिभा पाठक हैं।

संदीप पाठक की शुरुआती पढ़ाई लोरमी क्षेत्र के गांव में ही हुई। इसके बाद वे छठी कक्षा से आगे की पढ़ाई के लिए बिलासपुर आ गए। यहां से उन्होंने विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और MSC पूरी की।

पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव रिसर्च की ओर बढ़ा इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद और नेशनल केमिकल लेबोरेटरी, पुणे से आगे की शिक्षा प्राप्त की। फिर वे हैदराबाद और फिर उच्च अध्ययन के लिए ब्रिटेन चले गए।

करीब 6 साल तक ब्रिटेन में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से पीएचडी की डिग्री हासिल की। 2016 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।

क्यों अहम है संदीप पाठक का जाना?

साल 2016 में संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी पकड़ जल्द ही पार्टी के भीतर साफ दिखने लगी। खासकर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड बहुमत वाली जीत के पीछे उनकी रणनीति को अहम कारणों में गिना गया।

इस सफलता के बाद पार्टी ने उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना। उसी साल दिसंबर में संदीप पाठक को पार्टी का राष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें पार्टी के प्रमुख निर्णय लेने वाले निकाय, यानी राजनीतिक मामलों की समिति का सदस्य भी बनाया गया, जहां से वे संगठन और चुनावी फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहे।

संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम नाम संदीप पाठक का है, क्योंकि उनका संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा है। AAP के विस्तार में उनका रोल राज्यों में रणनीति बनाने का रहा। छत्तीसगढ़ में AAP को खड़ा करने की शुरुआती कोशिशों में उनका योगदान माना जाता है। पाठक अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते थे।

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी उनकी भूमिका अहम रही है। करीब एक साल पहले उन्हें पार्टी ने छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया था, जहां संगठन खड़ा करने और नए चेहरों को जोड़ने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने को राज्य में AAP के संगठनात्मक ढांचे के लिए झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब उनका बीजेपी में जाना, उस पूरी राजनीतिक लाइन को बदलने जैसा है।

AAP के चुनावी रणनीतिकार थे पाठक

आम आदमी पार्टी के भीतर संदीप पाठक की भूमिका सिर्फ एक सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड जीत के पीछे उनकी चुनावी रणनीति को केंद्रीय भूमिका में देखा गया।

उम्मीदवार चयन से लेकर कैंपेन प्लानिंग, संसाधनों के प्रबंधन और ग्राउंड लेवल नेटवर्क खड़ा करने तक, पाठक ने पूरे चुनावी ढांचे को व्यवस्थित करने का काम किया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें गुजरात, गोवा समेत अन्य राज्यों में विस्तार की जिम्मेदारी भी सौंपी, जहां उन्होंने नए सिरे से संगठन खड़ा करने और स्थानीय स्तर पर कैडर विकसित करने पर जोर दिया।

खास तौर पर उनका फोकस बूथ लेवल स्ट्रक्चर मजबूत करने पर रहा, जिसे किसी भी चुनाव में जीत की बुनियाद माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें AAP के भीतर इलेक्शन मशीन और सिस्टम का अहम हिस्सा कहा जाता रहा।

………………………..

इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…

AAP की रणनीति बनाने वाला चेहरा BJP में: छत्तीसगढ़ के संदीप पार्टी के थिंक-टैंक रहे, कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना चुनौती; भूपेश बोले- आप ‘B’ टीम

आप के संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है।

आप के संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है।

राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम को लेकर हो रही है, वो है संदीप पाठक, जिनका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ से रहा है और जिन्हें पार्टी का चुनावी ‘थिंक टैंक’ माना जाता रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *