अमृतसर के मानावाला गांव स्थित जीवन जागृति नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान अजनाला निवासी 36 वर्षीय सुनील शर्मा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते पुलिस ने केंद्र संचालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की बहन रीतू ने बताया कि सुनील शर्मा डिप्रेशन से जूझ रहे थे और उन्हें इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि सुनील नशे के आदी नहीं थे, बल्कि मानसिक तनाव के कारण उन्हें यहां रखा गया था। परिजनों के अनुसार, देर रात केंद्र की ओर से उन्हें फोन पर सुनील की मौत की सूचना दी गई। परिवार ने केंद्र प्रबंधन पर कई सवाल उठाए परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो उन्हें बताया गया कि कैमरे बंद थे, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि एक कमरे में 15-20 लोगों को रखा जाता है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। परिवार का मानना है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि उनके भाई के गले पर रस्सी से घोंटने के निशान थे वहीं संचालकों ने जिसे पकड़वाया है वो आरोपी नहीं लग रहा। पुलिस जांच में जुटी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। केंद्र संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वहां मौजूद अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और उन्हें न्याय मिल सके।
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