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नरसिंहपुर जिले में गुरुवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने किसानों और आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी मूंग की फसल जमीन पर बिछ गई है। वहीं, मंडियों में खुले में रखा हजारों क्विंटल अनाज भी नमी की चपेट में आ गया है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान राजमार्ग चौराहा के पास ग्राम गुड़वारा, रीछई और कुम्हरोड़ा हार क्षेत्र में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखा गया। किसान सत्यपाल पटेल ने बताया कि शाम को आई तेज आंधी के कारण मूंग की फसल पूरी तरह आड़ी हो गई। इसके साथ ही गिरे ओलों ने उत्पादन की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। किसानों का कहना है कि खेतों की मौजूदा स्थिति देखते हुए अब उपज मिलने की संभावना बेहद कम है। बिजली के खंभे गिरे, क्षेत्र में छाया अंधेरा तेज आंधी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। किसान संदीप पटेल और हेमंत लोधी ने बताया कि बिजली की लाइनें टूटने से पूरे क्षेत्र की बिजली स्प्लाई बाधित हो गई है। तापमान में गिरावट के बावजूद बिजली गुल होने से उमस और बढ़ गई है, जिससे लोग परेशान हैं। मंडी में रखे अनाज पर मंडराया खतरा समर्थन मूल्य पर खरीदा गया हजारों क्विंटल अनाज नरसिंहपुर मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा है। दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से इस अनाज में नमी आने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बारिश की तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन समय रहते अनाज को सुरक्षित न किए जाने पर बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सर्वे और मुआवजे की मांग की फसलों के बड़े पैमाने पर नुकसान को देखते हुए किसानों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। पीड़ित किसानों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल राजस्व सर्वे कराया जाए और फसल बीमा व राहत राशि के माध्यम से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। तापमान का हाल: अधिकतम तापमान: 36.6°C न्यूनतम तापमान: 25.2°C
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