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हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में हुई महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। महिला के पति ने अज्ञात अपराधियों पर फायरिंग और लूट का आरोप लगाया था, वही अपनी पत्नी का हत्यारा निकला। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी अमन कुमार ने बताया कि घटना 26 अप्रैल की रात करीब 09:15 बजे कोले स्टेशन के पास हुई थी। मोटरसाइकिल पर सवार दंपती पर अज्ञात हमलावरों द्वारा गोलीबारी की खबर मिली थी। पति ने बताया था लूटपाट की कोशिश की थी इस हमले में मंजू देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके पति विकास प्रजापति के हाथ में गोली लगी थी। विकास ने पुलिस को बताया था कि लुटेरों ने उन्हें रोककर लूटपाट की कोशिश की और विरोध करने पर फायरिंग कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस को शुरुआत से ही विकास के बयानों में विरोधाभास दिखा। तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर जब विकास से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पिता के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई विकास ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से चल रही पारिवारिक कलह से परेशान था और अपनी पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था। उसने अपने पिता नरेश प्रजापति और साथियों सुनील व लालेश्वर गंजू के साथ मिलकर हत्या की पूरी योजना बनाई। खुद पर शक न हो, इसके लिए विकास ने अपने हाथ में भी गोली मरवा ली थी, ताकि यह मामला लूट और हमले का लगे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विकास प्रजापति (30), उसके पिता नरेश प्रजापति (56) और सहयोगी लालेश्वर गंजू (22) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की काली यामहा मोटरसाइकिल और मृतका का पर्स बरामद किया गया है। हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी सुनील गंजू अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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