उदयपुर के वल्लभनगर में एएनटीएफ (ANTF) ने एक अफीम तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई बड़ा गिरोह चलाने के बजाय बिल्कुल साधारण तरीके से हाथ में बाल्टी लेकर अपने घर की तरफ जा रहा था। उसे लगा था कि हाथ में बाल्टी लेकर पैदल चलने वाले पर किसी को शक नहीं होगा, लेकिन एएनटीएफ की सटीक सूचना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जब बाल्टी की तलाशी ली गई, तो उसमें अफीम और उसे तैयार करने वाला नशीला केमिकल बरामद हुआ। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- यह कार्रवाई वल्लभनगर थाना इलाके के धमानिया गांव में की गई है। टीम को इनपुट मिला था कि गांव का ही रहने वाला शिवलाल डांगी अवैध मादक पदार्थ की एक खेप लेकर अपने घर पहुंचने वाला है। सूचना इतनी पुख्ता थी कि एएनटीएफ की टीम ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और गांव की ओर जाने वाले सुनसान रास्ते पर नाकाबंदी कर दी। पुलिस को देख वापस मुड़ा, तो हुआ शक नाकाबंदी के दौरान पुलिस को दूर से एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बाल्टी थी। जैसे ही उस व्यक्ति की नजर सामने खड़ी पुलिस की गाड़ियों और जवानों पर पड़ी, वह ठिठक गया और घबराकर वापस उसी रास्ते पर भागने लगा जिससे वह आया था। पुलिस को उसकी इस हरकत पर शक हुआ और जवानों ने घेराबंदी कर उसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। बाल्टी में था नशे का ‘फॉर्मूला’ जब पुलिस ने शिवलाल के हाथ में मौजूद बाल्टी की जांच की, तो ऊपर से वह सामान्य नजर आ रही थी, लेकिन उसके अंदर नशीले पदार्थों का जखीरा छिपा था। बाल्टी से 113 ग्राम अवैध अफीम और अफीम में मिलाया जाने वाला 965 ग्राम नशीला तरल पदार्थ (टांका) बरामद हुआ। इसके अलावा, आरोपी की जेब से पुलिस को 23,130 रुपए नकद मिले, जो संभवतः नशे की बिक्री से कमाए गए थे। मिलावट कर वजन बढ़ाने का था खेल पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शिवलाल (38), पुत्र कमला डांगी, काफी समय से इस काले कारोबार में लगा था। वह शुद्ध अफीम में इस खास तरल पदार्थ (टांका) को मिलाकर उसका वजन बढ़ा देता था। इस मिलावट के खेल से वह कम अफीम को ज्यादा मात्रा में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था। गांव के लोगों को भी उस पर कभी शक नहीं हुआ, क्योंकि वह बेहद साधारण तरीके से रहता था। आईजी विकास कुमार के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में एएनटीएफ (ANTF) और वल्लभनगर थाना पुलिस की विशेष भूमिका रही है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शिवलाल यह माल कहाँ से खरीद कर लाया था और उसके इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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