मुख्य बातें

शहडोल बस स्टैंड पर रसूखदारों का कब्जा: छोटे ठेले हटे, लेकिन बसों का कब्जा बरकरार; प्रशासन मौन – Shahdol News

शहडोल बस स्टैंड पर रसूखदारों का कब्जा:  छोटे ठेले हटे, लेकिन बसों का कब्जा बरकरार; प्रशासन मौन – Shahdol News

शहडोल शहर का बस स्टैंड इन दिनों अव्यवस्था और दबंगई का केंद्र बन गया है। यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर नगरपालिका ने मुख्य गेट के बाहर छोटे ठेले हटाए, लेकिन परिसर के अंदर सालों से जमे रसूखदार बस संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नगरपालिका की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बस स्टैंड परिसर में नफीस कंपनी का दबदबा है। बसों के लिए निर्धारित बे बनाए गए हैं, जहां बसों को रवाना होने से कुछ समय पहले ही खड़ा किया जाना चाहिए। हालांकि, इन नियमों का पालन नहीं होता। रसूखदारों की मनमानी से यात्री परेशान आरोप है कि नफीस कंपनी की कई बसें घंटों या कई दिनों तक एक ही स्थान पर खड़ी रहती हैं। इससे अन्य बस ऑपरेटरों को परेशानी होती है। परिसर में जगह घिरने से यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड अब यात्रियों की सुविधा का केंद्र कम और कुछ प्रभावशाली ट्रांसपोर्टरों का निजी अड्डा ज्यादा बन गया है। जिम्मेदार विभाग छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं, लेकिन बस स्टैंड के भीतर की स्थायी अव्यवस्था पर चुप्पी साधे रहते हैं। बस स्टैंड की अव्यवस्था से पहले गई जानें लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए बराबर हैं, तो रसूखदार बस ऑपरेटरों को विशेष छूट क्यों दी जा रही है। बस स्टैंड में अव्यवस्था के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पहले एक बेलगाम बस की चपेट में आने से एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। वहीं, दो बसों के बीच दबकर एक बस कर्मचारी ने भी जान गंवाई थी। हाल ही में बस स्टैंड परिसर की छत गिरने से दो लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *