राजौंद में गुरुवार को गांव भाना स्थित पीएचसी करोड़ा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड फीवर मास सर्वे का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपाय और उनके लक्षणों के बारे में जागरूक किया। यह सर्वे एसएमओ डॉ. संदीप सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। टीम ने विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि डेंगू मादा एडीज इजिप्टाई मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर ज्यादातर दिन के समय काटता है। डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, सिरदर्द, शरीर पर गुलाबी चकत्ते, उल्टी और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। सर्वे के लिए बनाई गई दो टीम सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की कुल दो टीमें बनाई गईं। इन टीमों में हेल्थ इंस्पेक्टर राजेश कुमार, एमपीएचडब्ल्यू संदीप कुमार, बबीता, राजवंती और आशा कार्यकर्ता पूजा, बिमला, कृष्णा, पूजा रानी शामिल थीं। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई। यदि पानी जमा हो तो उसे मिट्टी से भरने, कूलर को सप्ताह में एक बार खाली करने और रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने के लिए कहा गया। साथ ही, बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जांच करवाने की अपील की गई। इस दौरान लोगों को एचपीवी वैक्सीन, टीबी जैसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों से भी अवगत कराया गया।
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