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SBI का मुनाफा 5.5% बढ़कर ₹19,684 करोड़: चौथी तिमाही में टोटल इनकम ₹1.40 लाख करोड़ रही, बैंक निवेशकों को ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड देगा

SBI का मुनाफा 5.5% बढ़कर ₹19,684 करोड़:  चौथी तिमाही में टोटल इनकम ₹1.40 लाख करोड़ रही, बैंक निवेशकों को ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड देगा


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  • SBI Q4FY26 Results: Total Income ₹1.40 Lakh Cr, Profit ₹19,684 Cr, Stock 32% Return

मुंबई7 मिनट पहले

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देश के सबसे बड़े सरकारी लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹19,684 करोड़ रुपए का स्टैंडअलोन मुनाफा हुआ। सालाना आधार पर यह 5.58% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में SBI को ₹18,642 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

जनवरी-मार्च (Q4FY26) तिमाही में स्टेट बैंक की टोटल इनकम 1.40 लाख करोड़ रुपए रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.44 लाख करोड़ रुपए थी। सालाना आधार पर यह 2.7% घटी है।

वहीं चौथी तिमाही में SBI की इंटरेस्ट अर्निंग 1.23 लाख करोड़ रुपए रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.19 लाख करोड़ रुपए थी। सालाना आधार पर यह 3.36% बढ़ी है।

नेट NPA 4.25% कम होकर ₹18,830 करोड़ रहा

चौथी तिमाही (Q4FY26) के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन नेट NPA यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट 4.25% कम होकर 18,830 करोड़ रुपए रह गया है। जनवरी-मार्च 2025 के दौरान यह 19,666 करोड़ रुपए था।

बैंक अपने निवेशकों को ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड देगा

रिजल्ट के साथ ही बैंक ने अपने निवेशकों के लिए ₹17.35 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा भी की है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 16 मई और पे-आउट डेट 4 जून 2026 तय की गई है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है।

क्या होता है स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड?

कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक सेगमेंट या यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।

वापस नहीं मिली राशि NPA हो जाती है

NPA यानी नॉन-परफॉर्मिंग असेट एक ऐसा बैंक लोन या क्रेडिट होता है, जिसका भुगतान उधार लेने वाला व्यक्ति या संस्था समय पर नहीं कर पाता। आसान भाषा में, अगर कोई व्यक्ति या कंपनी बैंक से लिया गया कर्ज (लोन) की किस्त या ब्याज 90 दिन या उससे ज्यादा समय तक नहीं चुकाता, तो वह लोन NPA बन जाता है।

इससे बैंक को नुकसान होता है, क्योंकि उस पैसे की वसूली मुश्किल हो जाती है। मान लीजिए, आपने बैंक से 10 लाख का लोन लिया और 3 महीने से ज्यादा समय तक उसकी EMI नहीं भरी, तो वह लोन NPA माना जाएगा।

SBI के शेयर ने एक साल में 32% रिटर्न दिया

शुक्रवार को SBI का शेयर 6.74% गिरकर 1,018.40 रुपए पर बंद हुआ। एक महीने में यह 4% और एक साल में 32% चढ़ा है। बीते 6 महीने में बैंक का शेयर 7% से ज्यादा चढ़ा है। SBI का मार्केट कैप 9.41 लाख करोड़ रुपए है।

देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है SBI

SBI देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। SBI में सरकार की 55.5% हिस्सेदारी है। 1 जुलाई 1955 को इसकी स्थापना हुई थी। बैंक का मुख्यालय मुंबई में है।

वहीं बैंक की 22,500 से ज्यादा ब्रांच और 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। बैंक दुनिया के 29 देशों में काम करता है। भारत के बाहर इसकी 241 ब्रांच हैं।

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