औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे-46 (NH-46) पर नर्मदापुरम स्थित नर्मदा ब्रिज और हाईवे पर महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। NHAI द्वारा लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई ये लाइटें मेंटेनेंस के अभाव में अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। महज 2 किमी दूर स्थित बगवाड़ा टोल प्लाजा पर वाहनों से पूरा टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन रात के समय चालक सिर्फ अपनी गाड़ियों की हेडलाइट के भरोसे आवाजाही करने को मजबूर हैं। व्यस्त हाईवे पर हर समय बना रहता है हादसे का डर
NH-46 प्रदेश का सबसे व्यस्त हाईवे है, जहां से रोजाना भोपाल, बैतूल और नागपुर जाने वाले हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे फोरलेन बनने के बाद NHAI ने पूरे स्ट्रेच पर हाईमास्ट लाइटें लगवाई थीं। अब स्थिति यह है कि खंभे तो लगे हैं, लेकिन रोशनी नदारद है। ब्रिज पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ कई बार लोग गलत दिशा में भी गाड़ियां चलाते हैं, जिससे अंधेरे में यहां हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। चालक परेशान, पुलिसकर्मियों को भी उठाना पड़ा रिस्क
डंपर चालक अंकित दुबे ने बताया कि ब्रिज पर चढ़ते-उतरते वक्त अंधेरे के कारण अचानक कोई जानवर या खराब वाहन सामने आ जाए तो संभलने का मौका ही नहीं मिलता। वहीं, दो दिन पहले इसी ब्रिज के पास शराब तस्करों की गाड़ी ने एक राहगीर को कुचल दिया था। घटना के बाद रात में घना अंधेरा होने के कारण पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे पर क्रेन का इंतजार करना पड़ा था।
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