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2घंटे घूमी जांच टीम, जहां अवैध रेत वहां पहुंची नहीं: तीन राज्यों के अधिकारी आए-गए, रेत माफिया का खेल जारी; देखिए वीडियो – Morena News

2घंटे घूमी जांच टीम, जहां अवैध रेत वहां पहुंची नहीं:  तीन राज्यों के अधिकारी आए-गए, रेत माफिया का खेल जारी; देखिए वीडियो – Morena News


मुरैना में अवैध रेत खनन लगातार जारी है।

चंबल नदी में अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट एमपी, यूपी और राजस्थान सरकार को फटकार लगा चुका है। इसे रोकने के लिए सीआरपीएफ तक तैनात करने कह दिया। चंबल की हकीकत जानने सीईसी कमेटी (केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति) के मेंबर भी आए। बोट से घूमे, लेकिन उस

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नदी का वह छोर, जिसे लोग राजघाट के नाम से जानते हैं, कमेटी मेंबर को उसके करीब तक तो ले जाया गया, लेकिन 300 से 400 मीटर और आगे नहीं पहुंचाया, अगर वहां लेकर जाते तो लाखों घन मीटर डंप रेत दिखती। इसी जगह से रोज ट्रॉलियां भरकर अवैध रेत सप्लाई हो रही हैं।

प्रशासन तो अवैध रेत पर सख्ती की दावा करता है, लेकिन रात होते ही लोड होकर दौड़ रहीं ट्रॉलियां इसकी पोल खोल देती हैं। दैनिक भास्कर टीम अवैध रेत खनन की हकीकत जानने राजघाट पर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट…

देखिए तस्वीरें

सीईसी कमेटी (केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति) के मेंबर मुरैना पहुंचे।

जांच टीम ने लोकल, यूपी और राजस्थान के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

जांच टीम ने लोकल, यूपी और राजस्थान के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार व जांच दल पहुंचने के बाद भी अवैध रेत खनन परिवहन नहीं रुका।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार व जांच दल पहुंचने के बाद भी अवैध रेत खनन परिवहन नहीं रुका।

आरक्षक की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

चंबल नदी में खुलेआम रेत का अवैध खनन हो रहा है। मुरैना में अप्रैल में खनन रोकने गए एक आरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। वह इतनी बुरी तरह घायल हुआ कि उसकी मौत ही हो गई। यह सब होता देख सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल को मामले को स्वत: संज्ञान में लिया और सख्ती दिखाई।

कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई। कहा- अगर सरकार अवैध खनन नहीं रोक पा रही है तो सीआरपीएफ तैनात करना चाहिए।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 1 मई को दिल्ली से सीईसी कमेटी के सदस्य रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी चंद्र प्रकाश गोयल चंबल देवरी घड़ियाल पहुंचे। उनके साथ राजस्थान, यूपी और एमपी के अधिकारी भी थे। चंबल नदी में खनन की हकीकत जानने के लिए सभी बोट में सवार हुए और निरीक्षण के लिए निकल गए।

यहां से वह देवरी घड़ियाल केंद्र सैंक्चुरी पहुंचे और बैठक की। टीम ने यहां जो देखा सीईसी कमेटी की ओर से उसकी एक जांच रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी।

जहां अवैध रेत डंप, वहां पहुंची ही नहीं टीम

30 अप्रैल को सीईसी टीम सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल राजस्थान के धौलपुर पहुंचे। उन्होंने यहां के अधिकारियों से चर्चा की। उसके अगले दिन 1 मई को वह एमपी पहुंचे। उनके साथ सुबह 10 धौलपुर कलेक्टर निधि बीटी, एसपी विकास सागवान, डीएफओ डॉ. आशीष व्यास, सीसीएफ पीसी कैथिरवल मुरैना आए।

यहां पर वे मध्य प्रदेश वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, सीसीएफओ ग्वालियर ललित भारती, देवरी फॉरेस्ट अधीक्षक श्याम सिंह चौहान, मुरैना डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल, तत्कालीन एसपी समीर सौरभ व अन्य अधिकारियों के साथ घाट पहुंचे। अधिकारी उन्हें चंबल सफारी की बोट से राजस्थान की सीमा तक लेकर गए।

सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक करीब दो घंटे टीम ने निरीक्षण किया। सभी ने चंबल नदी में करीब 20 किमी तक बोटिंग की और हालात देखा। दोपहर 12:30 बजे देवरी सैंक्चुरी पहुंचे और करीब तीन घंटे तक यहां रुके। यहां मीटिंग कर 3:30 बजे सभी रवाना हो गए।

ग्रामीणों ने भास्कर को बताया कि जहां रेत डंप है, वहां तक टीम पहुंची ही नहीं। पास तक तो गई, लेकिन जहां उसे हकीकत दिखती, उससे कुछ दूर से ही निकल गई।

डंप अवैध रेत के टीलों तक पहुंचा भास्कर रिपोर्टर।

डंप अवैध रेत के टीलों तक पहुंचा भास्कर रिपोर्टर।

भास्कर को दिखी लाखों टन डंप रेत स्टॉक

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चंबल नदी किनारे एसएएफ का बल टेंट लगाकर राजघाट, सिकरौदा नहर, वन चेक पर तैनात तो कर दिया गया, लेकिन वस्तु स्थिति कुछ और ही है। माफिया आज भी रेत का अवैध खनन कर रहे हैं।

अभी सिर्फ राजघाट पर खनन बंद है, लेकिन यहां पर रेत का बड़ा स्टॉक किया गया है। यहां से हर रोज अवैध रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भरकर रेत का परिवहन किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर की टीम वहां पहुंची, जहां निरीक्षण करने गई टीम नहीं पहुंची। रेत का यह डंप स्पॉट राजघाट के पास चंबल सफारी है, जहां टीम बोट से आई तो लेकिन महज 300 से 400 मीटर दूर से ही निकल गई। यदि वह यहां तक आती तो उसे लाखों घन मीटर की संख्या में डंप मिलता, जो भास्कर के कैमरे में कैद हुआ।

टीम ने यहां पाया कि बड़ी संख्या में चंबल से अवैध रेत निकालकर राजघाट पुल के बायीं तरफ नीचे स्टॉक किया है।

अवैध खनन कर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस बल को देखकर खेत में भाग गया।

अवैध खनन कर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस बल को देखकर खेत में भाग गया।

अवैध खनन रोकने एसएएफ टेंट लगाकर निगरानी कर रही है।

अवैध खनन रोकने एसएएफ टेंट लगाकर निगरानी कर रही है।

अब समझिए घाटों का बंटवारा

चंबल सैंक्चुरी- यह देवरी गेम रेंज, सबलगढ़ गेम रेंज, और अंबाह गेम रेंज में बंटी हुई है। इसमें राजघाट, गढ़ौरा पुरा, रिठौरा, डाबरपुरा, भर्रा चिन्नोनी, गुना पुरा, ऐसाह, कुठियाना, दलजीत, होलापुरा, रछेड़, उसेद, खुर्द रायपुर, साहस पुरा, नगरा, बनवारा, रहू, अटार, बरौठा , बरैली,रामेश्वर, दांतरदा, जलालपुरा,राजौरा घाट शामिल हैं।

चालू घाटों की स्थिति

  • देवरी गेम रेंज : गढ़ौरा घाट, रिठौरा घाट, डाबरपुरा, भर्रा चिन्नोंनी।
  • सबलगढ़ गेम रेंज : बटेश्वरा घाट, अटार घाट, रामेश्वर घाट, दांतरदा घाट।
  • अंबाह गेम रेंज : ऐसाह, दलजीत, होला पुरा।
घाटों पर अब भी बिना किसी डर के अवैध खनन जारी है।

घाटों पर अब भी बिना किसी डर के अवैध खनन जारी है।

सवालों से बचते दिखे वन बल प्रमुख

मध्य प्रदेश के वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन से जब अवैध रेत खनन न रोक पाने पर दैनिक भास्कर ने सवाल किया तो उन्होंने माइक आईडी को हटा दी। वह बिना जवाब दिए ही आगे बढ़ गए।

हर रोज बाजार में पहुंच रही रेत की ट्रॉलियां

डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल के अनुसार, निरीक्षण टीम को लेकर कोई बात नहीं करेंगे। रेत खनन और परिवहन रोकने एसएएफ को राजघाट पर तैनात किया है। ड्रोन से नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा- हाल ही में हमारे एक जवान की भी हत्या कर दी गई थी, इसलिए सभी को सुरक्षित रहते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अभी जब से सख्ती की है, तब से काफी हद तक खनन रुका है। मीटिंग में वनकर्मियों के लिए हथियार भी मांगे गए हैं। कुछ नई चौकियां और चेक पोस्ट खोले जाएंगे।

बाजारों में बिना किसी रोकटोक रेत विक्रय को जाती है।

बाजारों में बिना किसी रोकटोक रेत विक्रय को जाती है।

ये खबरें भी पढ़ें 1. चंबल की निगरानी के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना पड़ेगी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चंबल नदी में अवैध रेत खनन को लेकर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- अगर राज्य सरकारें अवैध खनन नहीं रोक पा रही हैं तो अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

2. ंबल में 100 ट्रैक्टर–डंपरों का VIDEO

चंबल में अवैध रेत खनन खुल्लम खुल्ला हो रहा है। 1000 से ज्यादा डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में रेत के लिए दिनभर फर्राटा भर रहे हैं। माफिया जेसीबी से नदी को खोखला कर रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। पूरी खबर पढ़िए…

3. BJP नेताओं के ट्रैक्टर ने वन रक्षक को कुचला, मौत

मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पूरी खबर पढ़िए…

4. सुप्रीम कोर्ट बोला- एमपी सरकार अवैध खनन रोकने में फेल

मध्यप्रदेश के मुरैना में वन रक्षक की हत्या और चंबल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

5. नेशनल चंबल घड़ियाल सैंक्चुरी में अवैध खनन

मध्य प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे- 44 पर बना चंबल नदी का पुल अवैध रेत खनन के कारण खतरे में आ गया है। यहां लगातार खुदाई किए जाने से पिलर के आसपास 20 से 50 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति जारी रही तो पिलर ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…



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