भिवानी के बवानीखेड़ा में पार्क बनाने के लिए मकान तोड़ने पर विवाद शुरू हो गया है। बवानीखेड़ा में जिन लोगों के मकान तोड़े गए, उन्होंने विधायक कपूर वाल्मीकि के मकान के बाहर धरना देना आरंभ कर दिया है। वहीं डिमांड की जा रही है कि वहीं पर उनके मकान बनवाए जाएं। जबकि विधायक कपूर वाल्मीकि ने कहा कि बवानीखेड़ा में सरकार द्वारा विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जिसके कारण अवैध कब्जे हटाए गए हैं। इसी कड़ी में यहां पार्क बनाना है और उसके बीच में जो अवैध कब्जे आए हुए थे, उन्हें हटाया गया है। विपक्षी इसे बेवजह मुद्दा बना रहे हैं और विकास की राह में रोडा बने हुए हैं। भाजपा विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार है। शहर में स्टेडियम, पार्क, जिम और अस्पताल का विस्तार करना जनता के हित में है। यदि विकास के लिए किए जा रहे ये कार्य गलत हैं, तो विपक्ष की परिभाषा अलग हो सकती है। हमने किसी के साथ अन्याय नहीं किया, बल्कि सभी अवैध ढांचों को नियमानुसार नोटिस देने के बाद ही हटाया गया है। विपक्ष ने जनता को गुमराह और भावनात्मक शोषण किया- विधायक
विधायक ने विपक्षी नेताओं पर जनता को गुमराह करने और भावनात्मक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब अतिक्रमण हटाया जा रहा था, तब विपक्षी नेताओं ने लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे। विधायक के अनुसार विपक्ष ने प्रभावित लोगों को नई जमीन देने, घर बनवाकर देने और यहां तक कि फर्नीचर तक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। विधायक ने सवाल उठाया कि धरने पर बैठे लोगों की सुध लेने अब वे नेता क्यों नहीं आ रहे? क्या वे वादे सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए थे। यहीं पर दी जाए जगह
एडवोकेट राजेश सिंधु ने कहा कि ये 30-40 साल से यहां रह रहे थे। बवानीखेड़ा नगर पालिका ने पार्क बनाया जा रहा है। जिसके कारण इनके मकानों को तोड़ा गया है। हमारी मांग है कि ये लोग 30-40 साल से यहां रह रहे हैं। विकास जरूरी है, लेकिन यहीं जगह दी जाए। इन लोगों को बेघर ना किया जाए। इसलिए लोगों को किसी भी योजना के तहत आवास की सुविधा दी जाए।
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