देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में अब पढ़ाई केवल पारंपरिक कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक सीमित नहीं रह गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकें तकनीकी शिक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। कॉलेज अब छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि इंडस्ट्री आधारित प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाने पर जोर दे रहे हैं। नए क्षेत्रों में मिल रही ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को एपीआई इंटीग्रेशन, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, ऑटोमेटेड वर्कफ्लो, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे तेजी से बदलती डिजिटल इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें। फाइनेंशियल क्षेत्र में तकनीकी क्रांति नई तकनीकों का प्रभाव अब फाइनेंशियल सर्विसेज और फंड एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर में भी तेजी से दिखाई दे रहा है। जहां पहले कई प्रक्रियाएं मैन्युअली संचालित होती थीं, वहीं अब एआई और मशीन लर्निंग की मदद से अनॉमली डिटेक्शन, री-कॉन्सिलिएशन ब्रेक एनालिसिस, वर्कफ्लो ऑरचेस्ट्रेशन और प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स जैसे कार्य ऑटोमेटेड हो रहे हैं। इससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ रही है, डेटा एक्यूरेसी बेहतर हो रही है और सर्विस डिलीवरी की गति तेज हो रही है। बढ़ रही आधुनिक तकनीकों की मांग विशेषज्ञों के अनुसार इंडस्ट्री में एपीआई-फर्स्ट आर्किटेक्चर, रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड, ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग सिस्टम और डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्लेटफॉर्म तेजी से अपनाए जा रहे हैं। वहीं टोकनाइज्ड फंड और डिजिटल एसेट्स के बढ़ते उपयोग के साथ ब्लॉकचेन आधारित री-कॉन्सिलिएशन और वॉलेट वेरिफिकेशन जैसी तकनीकों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों की राय एनएवी इंडिया के एमडी अनिल अग्रवाल ने बताया कि जयपुर स्थित एनवी इंडिया तकनीकी बदलाव का हिस्सा बनकर फंड एडमिनिस्ट्रेशन के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है। कंपनी का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम फंड अकाउंटिंग, इन्वेस्टमेंट सर्विसिंग, कंप्लायंस और रिपोर्टिंग जैसे ऑपरेशंस को सपोर्ट करता है। एसकेआईटी निदेशक जयपाल मील ने कहा कि आने वाले वर्षों में वही संस्थान और प्रोफेशनल्स आगे होंगे जो इमर्जिंग टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाएंगे। संस्थान की ओर से छात्रों को अपडेटेड तकनीक के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स चेयरमैन आनंद पोद्दार ने कहा कि बदलती तकनीक के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षित किए जाने का ही परिणाम है कि उन्हें बेहतर प्लेसमेंट मिल रहे हैं। वहीं डॉ. शैलेश झवेर, निदेशक, एपेक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि समय के अनुसार तकनीक से अपडेट रहना सभी के लिए आवश्यक है। Apex Group of Hospitals में अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित हेल्थकेयर सुविधाएं उपलब्ध हैं और कार्मिकों को भी नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाता है।
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