लुधियाना के दोराहा क्षेत्र में 25 अप्रैल को एक स्क्रैप फैक्ट्री में हुए धमाके और आगजनी की घटना में घायल युवती अंजली (21) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। अंजली पिछले 15 दिनों से एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी। वह लुधियाना के घोड़ा कॉलोनी मिलरगंज की निवासी थी। यह घटना 25 अप्रैल की शाम दोराहा-पायल रोड पर गांव बिशनपुरा के पास स्थित एक स्टील फैक्ट्री में हुई थी। अचानक हुए जोरदार धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया था। प्रारंभिक जांच में धमाके का कारण फैक्ट्री के अंदर बॉयलर का फटना बताया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि करने की बात कही है। हादसे के वक्त फैक्ट्री में कई कर्मचारी काम कर रहे थे, जो झुलस गए थे। इनमें अंजली भी गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने परिजन के बयान के आधार पर कार्रवाई शुरू की आग पर काबू पाने के लिए दोराहा, समराला और खन्ना सहित आसपास के कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। एक निजी कंपनी की फायर ब्रिगेड ने भी राहत कार्यों में सहयोग किया। अंजली की मौत के बाद, पुलिस ने मृतका के परिजन जैविंद के बयानों के आधार पर बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच कर रहे एएसआई सौदागर सिंह ने बताया कि परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करवाने से इनकार कर दिया। परिवार ने पोस्टमार्टम करवाने से भी मना कर दिया और प्रशासन को आवेदन देकर बिना पोस्टमार्टम शव लेने की अनुमति मांगी। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
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