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HPSC भर्तियों में बाहरी युवाओं को नौकरी पर विवाद: कांग्रेस MP बोले- चपरासी हमारे, अफसर बाहर के; 4 बड़ी भर्तियों को उदाहरण दिया – Haryana News

HPSC भर्तियों में बाहरी युवाओं को नौकरी पर विवाद:  कांग्रेस MP बोले- चपरासी हमारे, अफसर बाहर के; 4 बड़ी भर्तियों को उदाहरण दिया – Haryana News


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चंडीगढ़11 मिनट पहले

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नई दिल्ली में आईएनसी के ऑफिस में प्रेस कान्फ्रेंस करते राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लास-1 से क्लास-3 तक के पदों पर बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों की भर्ती की जा रही है, जबकि हरियाणा के योग्य युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है।

सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के बीच अब भाजपा सरकार का एक ही फार्मूला चर्चा में है, “चपरासी हमारे, अफसर बाहर के। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर हरियाणवी युवाओं को अयोग्य बताकर या तो बाहरी उम्मीदवारों को नियुक्त कर रही है या फिर पदों को खाली छोड़ रही है।

बिना पर्ची, बिना खर्ची का नारा देकर गुमराह कर रही सरकार

उन्होंने दिल्ली में इंडियन नेशनल लोकदल (INC) के ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों से भाजपा ना पर्ची, ना खर्ची का नारा देकर युवाओं को गुमराह करती रही है। लेकिन वास्तविकता यह है कि हर भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा के युवाओं की अनदेखी की जा रही है। सूबे में कई ऐसी बड़ी भर्तियां हुई हैं, जिनमें इस तरह का खेल सरकार ने खेला है। कांग्रेस स्थानीय युवाओं के मारे जा रहे इस हक को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान डाक्यूमेंट दिखाते रणदीप सुरजेवाला।

नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान डाक्यूमेंट दिखाते रणदीप सुरजेवाला।

हिंदी और साइकोलॉजी भर्ती का उदाहरण दिया सुरजेवाला ने बताया कि कॉलेज कैडर में हिंदी विषय के 139 पदों में से 67 सामान्य वर्ग के पद थे। इनमें से 60 पद भरे गए, जिनमें 41 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन हुआ। इसी तरह साइकोलॉजी विषय में 85 पदों की भर्ती में सामान्य वर्ग के 44 पदों में से केवल दो उम्मीदवारों को योग्य घोषित किया गया। अन्य अधिकांश श्रेणियों में कोई उम्मीदवार चयनित नहीं किया गया। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य या तो बाहरी उम्मीदवारों को नौकरी देना है या पदों को खाली रखना। बोले- कई भर्तियों में बाहरी उम्मीदवारों का दबदबा सुरजेवाला ने दावा किया कि टॉवर यूटिलिटीज असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में 214 सामान्य वर्ग पदों में से 185 पर बाहरी उम्मीदवार चुने गए। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती में 49 में से 28 पद बाहरी उम्मीदवारों को मिले। आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (AMO) भर्ती में लगभग 75 प्रतिशत पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन हुआ।

सिविल जज भर्ती में 110 में से 60 पद बाहरी उम्मीदवारों को मिले। तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राध्यापक भर्ती के 153 सामान्य वर्ग पदों में से 106 पर बाहरी उम्मीदवार चयनित हुए। हरियाणवी युवाओं का अपमान सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि HPSC के अध्यक्ष द्वारा हरियाणा के युवाओं को “फेलियर” और “लिखना नहीं जानते” जैसे कथनों से अपमानित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि राज्य निवासी प्रमाण पत्र की अवधि 10 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने से बाहरी राज्यों के लोग भी हरियाणा का डोमिसाइल बनवाकर आरक्षित पदों पर दावा करने लगे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री युवाओं से माफी मांगे सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हरियाणा के युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगने और पूरे मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में स्थानीय भाषा, संस्कृति, सामाजिक परिवेश और हरियाणा के भूगोल से जुड़े ज्ञान को महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि राज्य के युवाओं को न्यायसंगत प्राथमिकता मिले।

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