पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 2025-26 शिक्षा सत्र के 10वीं क्लास का रिजल्ट घोषित कर दिया। इस साल रिजल्ट 94.52% दर्ज किया गया जो कि पिछले साल 2024-25 की तुलना में 1.09% कम रहा। यह गिरावट लगातार 5 साल से जारी है। इस साल 10वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा में कुल 2,69,505 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया, जिसमें से 2,54,744 पास हुए। जबकि पिछले साल 95.61% स्टूडेंट्स पास हुए थे। मेरिट सूची में टॉप स्कोरर की बात करें तो पिछले साल टॉप 4 स्टूडेंट्स ने 650 में से 650 अंक हासिल किए थे। इस बार एक भी स्टूडेंट पूरे नंबर हासिल नहीं कर पाया। स्टेट टॉपर रही हरलीन शर्मा भी 646 अंक हासिल कर सकी। इसी तरह दूसरे नंबर पर रहने वाले मणिमहेश शर्मा ने 645 और तीसरे नंबर पर रहने वाली रिया रानी ने भी 645 अंक हासिल किए। जिलेवार रिजल्ट की बात करें तो लुधियाना जिले की परफॉर्मेंस बेहद खराब रही। हर बार टॉप में रहने वाला लुधियाना इस बार सबसे निचले पायदान यानी 23वें नंबर पर रहा। हालांकि, मेरिट लिस्ट में कुल बच्चों की संख्या में लुधियाना फिर से टॉप रहा। मेरिट लिस्ट की बात करें तो इस बार टॉप-50 में सरकारी स्कूलों के 12 स्टूडेंट्स स्थान बना पाए। इसमें से स्कूल ऑफ एमिनेंस के सिर्फ 3 स्टूडेंट्स शामिल हैं। सरकारी स्कूलों के लिए थोड़ी सुखद बात है कि इस बार टॉप 3 में दूसरे नंबर पर सरकारी स्कूल का स्टूडेंट है। लड़कियों की बादशाहत कायम पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट सूची में पिछले साल 300 के करीब स्टूडेंट्स थे, जिनमें से 220 लड़कियां थीं। इस बार मेरिट लिस्ट में 272 स्टूडेंट हैं, जिसमें से 220 लड़कियां हैं। पिछले साल मेरिट में टॉप पर लड़का था तो इस बार टॉप पर लड़की है। कुल मिलाकर टॉप 3 में पिछली बार भी दो लड़कियां थीं और इस बार भी दो लड़कियां हैं। टॉप-10 की बात करें तो इस बार 8 लड़कियां हैं। रिजल्ट में सरकारी Vs प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूलों का रिजल्ट इस बार भी प्राइवेट स्कूलों की तुलना में कम रहा। सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 94.45% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 95.97% रहा जो कि सरकारी स्कूलों से 1.52% रहा। वहीं, एडेड स्कूलों का रिजल्ट 89.68% रहा। पिछले साल के रिजल्ट से तुलना करें तो सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में 1.02% कम रहा। प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट भी 0.5% कम रहा। ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी इलाकों को पीछे छोड़ा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के रिजल्ट में एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों ने शहरी क्षेत्र के स्कूलों को पछाड़ा है। इस बार ग्रामीण क्षेत्रों के 95.35% स्टूडेंट पास हुए जबकि शहरी क्षेत्र के 92.98% स्टूडेंट पास हुए। पिछले साल ग्रामीण क्षेत्रों के 96.71% और शहरी क्षेत्रों के 94.71% स्टूडेंट पास हुए थे। अंग्रेजी में सबसे ज्यादा स्टूडेंट हुए फेल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा में अंग्रेजी में इस बार सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स फेल हुए। अंग्रेजी में 97.31% स्टूडेंट्स पास हुए जबकि 2.69% स्टूडेंट़्स फेल रहे। अंग्रेजी के बाद गणित में भी 1.30% विद्यार्थी फेल हुए। लुधियाना जिले से सबसे ज्यादा टॉपर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जो मेरिट सूची जारी की है, उसमें कुल 272 स्टूडेंट्स के नाम शामिल हैं। इनमें से 38 स्टूडेंट्स लुधियाना के हैं। दूसरे स्थान पर 31 मेरिट के साथ अमृतसर जिला है। वहीं होशियारपुर 27 मेरिट के साथ तीसरे स्थान पर है। 16,362 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट इस बार कुल 16,362 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई है। इनमें नियमित श्रेणी के 2,69,505 परीक्षार्थियों में से 13,126 स्टूडेंट्स रि-अपीयर श्रेणी में आए हैं, जबकि ओपन स्कूल के 7,952 विद्यार्थियों में से 3,236 छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। इस तरह नियमित और ओपन स्कूल दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 16,362 छात्र कंपार्टमेंट में आए हैं।
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