संगरूर जिले के लहरागागा क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के भीतर विवाद गहरा गया है। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया, जहां गुस्साए ग्रामीणों और किसान यूनियन के नेताओं ने थाने के बाहर धरना देकर सड़क जाम कर दी। देर शाम तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा और पुलिस प्रशासन लोगों को समझाने में जुटा रहा। जानकारी के अनुसार, गांव भुटाल खुर्द निवासी बुजुर्ग महिला सुखविंदर कौर का 12 मई को निधन हो गया था। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से अपने मायके गांव शेरो में थीं, जहां उनका इलाज और ऑपरेशन करवाया गया था। इसी दौरान तबीयत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर बेटों में विवाद खड़ा हो गया। अंतिम संस्कार को लेकर विवाद मृतका के बेटे अवतार सिंह और जगतार सिंह का कहना है कि उनकी माता का अंतिम संस्कार उनके ससुराल गांव भुटाल खुर्द में होना चाहिए, क्योंकि विवाह के बाद से वह वहीं रह रही थीं और उनका सामाजिक व पारिवारिक अधिकार भी उसी गांव में बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका छोटा भाई सतगुर सिंह इस बात पर अड़ा हुआ है कि अंतिम संस्कार मायके गांव शेरो में ही किया जाए। वहीं, मृतका के पति मघर सिंह ने भी कहा कि उनकी पत्नी ने पूरी जिंदगी उनके साथ गांव भुटाल खुर्द में बिताई है और वह चाहते हैं कि उनका अंतिम संस्कार भी वहीं किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मायके पक्ष के दबाव में आकर अंतिम संस्कार गांव शेरो में करवाने की बात कह रहा है, जबकि उनकी पत्नी केवल इलाज के लिए मायके गई हुई थीं। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया दूसरी ओर, सतगुर सिंह द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शव को फिलहाल मूनक की मोर्चरी में रखा गया है। घटना के बाद गांव भुटाल खुर्द के ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि और किसान यूनियन के नेता भी परिवार के समर्थन में सामने आ गए। किसान यूनियन के नेता सुखदेव सिंह और जगराज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने थाने के बाहर धरना देते हुए कहा कि सुखविंदर कौर का अंतिम संस्कार उसी गांव में होना चाहिए जहां उसका वैवाहिक घर और सामाजिक अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से शव परिवार को सौंपने की मांग की ताकि अंतिम संस्कार गांव भूटाल खुर्द में किया जा सके। धरने के चलते कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक धरना जारी था। इस संबंध में डीएसपी मूनक राजेश स्नेही ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिवार के सदस्यों के बीच अंतिम संस्कार को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस पूरे मामले को शांतिपूर्वक हल करवाने का प्रयास कर रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
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