मानसा में सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न ठेका आधारित कर्मचारी संगठनों और सफाई कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान डीसी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद उन्होंने सफाई कार्य बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को लेकर बुलाई गई बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और पुलिस बल के दबाव में उनसे काम करवाने की कोशिश की गई। लंबे समय से चली आ रही मांगों की हो रही अनदेखी सफाई कर्मचारी संजीव कुमार ने कहा कि लंबे समय से ठेका कर्मचारियों को नियमित करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, महंगाई भत्ते (डीए) की बकाया किस्तें जारी करना और कर्मचारी हितों से जुड़ी कई मांगे की जा रही हैं। आश्वासन के बाद इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। समझाते के दावे पूरी तरह से गलत संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ समझौते के जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। कर्मचारियों के अनुसार, सरकार ने वास्तविक प्रतिनिधियों के बजाय अपने करीबी लोगों के साथ बैठक की है। इसे कर्मचारी संगठन स्वीकार नहीं करते। यूनियन नेताओं कुलदीप सिंह तलवंडी और सुरिंदर कुमार ने सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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