केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशों के बाद तरनतारन जिले में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीन अभियान ने गति पकड़ ली है। सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय की अध्यक्षता में हुई एक विशेष समीक्षा बैठक में जिले की 14 वर्ष की लड़कियों को इस घातक बीमारी से सुरक्षित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी लड़कियों को HPV वैक्सीन मुफ़्त लगाई जा रही है। इस टीकाकरण का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है। डॉ. राय ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित है और पूरी तरह सुरक्षित है। ‘ममता दिवस’ पर भी उपलब्ध होगी सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण को सुचारू बनाने के लिए इसे नियमित सेवाओं से जोड़ दिया है। अभियान के समापन के बाद भी, हर बुधवार को आयोजित होने वाले ‘ममता दिवस’ (नियमित टीकाकरण सत्र) के दौरान यह वैक्सीन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा लगाई जाएगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वरिंदरपाल कौर ने पुष्टि की है कि जिले के सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) केंद्रों पर कोल्ड चेन पॉइंट के माध्यम से टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। हाई-रिस्क क्षेत्रों पर विशेष निगरानी डॉ. राय ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे केवल शहरों और गांवों तक सीमित न रहें। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब ईंट भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और गुज्जर कैंपों जैसी हाई-रिस्क आबादी के बीच जाकर इस वैक्सीन का प्रचार करेंगी। लक्ष्य यह है कि कोई भी योग्य लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे। सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) अपने-अपने ब्लॉक में इन कैंपों की सीधी निगरानी करेंगे। टीकाकरण के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश विभाग ने सावधानी बरतते हुए यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई लड़की पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या लंबे समय से किसी दवा का सेवन कर रही है, तो उसे यह वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। टीकाकरण के बाद डेटा प्रबंधन के लिए U-Win पोर्टल पर प्रविष्टि (Entry) करना अनिवार्य किया गया है, ताकि लाभार्थी का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहे। एनीमिया मुक्त भारत: स्कूलों में हेल्थ स्क्रीनिंग HPV अभियान के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ‘एनीमिया-फ्री इंडिया’ मिशन पर भी काम कर रहा है। मेडिकल ऑफिसरों के नेतृत्व में स्कूल हेल्थ टीमें सरकारी और निजी स्कूलों का दौरा कर रही हैं। यहाँ 10 से 19 साल के बच्चों के ब्लड टेस्ट किए जा रहे हैं। इस स्क्रीनिंग का उद्देश्य बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) का पता लगाकर उनका समय पर उपचार शुरू करना है। बैठक में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. भारती धवन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल, जिला मास मीडिया अधिकारी सुखवंत सिंह सिद्धू और स्कूल हेल्थ कोऑर्डिनेटर रजनी शर्मा सहित विभिन्न ब्लॉकों के एजुकेटर्स और एलएचवी (LHV) मौजूद रहे। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से जनता से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य मुहिम का हिस्सा बनें।
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