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हरियाणा में 1 जुलाई से SIR: घर-घर जाकर वोट वेरिफाई करेंगे BLO, नई वोटर लिस्ट सितंबर में आएगी; जानिए पूरा शेड्यूल और प्रोसेस – Haryana News

हरियाणा में 1 जुलाई से SIR:  घर-घर जाकर वोट वेरिफाई करेंगे BLO, नई वोटर लिस्ट सितंबर में आएगी; जानिए पूरा शेड्यूल और प्रोसेस – Haryana News

हरियाणा में चुनाव आयोग ने 1 जुलाई 2026 से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने की घोषणा की है। राज्य में अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार, 2 करोड़ 6 लाख वोटर हैं। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। निर्वाचन आयोग ने बताया कि SIR कार्यक्रम को जनगणना के तहत चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर तालमेल बना रहे और मतदाता सूची अधिक सटीक बनाई जा सके। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। SIR के तीसरे चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में एक साथ विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होगा। पिछला SIR कब हुआ, तब कितने वोटर थे… हरियाणा में मतदाता सूची की पिछली SIR वर्ष 2002 में हुई थी। 2002 की वोटर लिस्ट अनुसार, उस समय राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 1.25 करोड़ थी। उस समय पुरुष मतदाता लगभग 67 लाख और महिला वोटर लगभग 58 लाख थे। हालांकि, ये आंकड़े 2002 के निर्वाचन रिकॉर्ड के समेकित अनुमान हैं। यहां पढ़िए हरियाणा में SIR का पूरा शेड्यूल… SIR और उसके पूरे प्रोसेस को 6 पॉइंट में जानिए… 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में SIR बिहार में हुआ। दूसरे फेज के अंतर्गत पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ के अलावा अंडमान और निकोबार में एसआईआर की घोषणा की गई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। 25 हजार कर्मचारियों की होगी ट्रेनिंग हरियाणा में कुल 20 हजार 629 मतदान केंद्र हैं। इन सभी बूथों पर मतदाता सूचियों का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए करीब 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। बूथ लेवल आफिसर (BLO) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करेंगे। हर वोटर के पते, पहचान और पात्रता की जांच होगी। इस दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सक्रिय रहेंगे। गांवों से लेकर शहरों तक हर बूथ पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। घर-घर पहुंचेंगे BLO SIR प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा होगा डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन। बीएलओ हर घर तक पहुंचकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। मतदाताओं को पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज दिखाने पड़ सकते हैं। राजनीतिक दलों के बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंट भी सूची की जांच करेंगे और संभावित गड़बड़ियों पर आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। ऐसे में बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की सक्रियता काफी बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।



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