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राजस्थान में इतनी गर्मी कि बंद हो गया आईफोन: हॉस्पिटल में फव्वारे लगाए, ढाबे-होटल कपड़े से कवर किए, बाड़मेर में रिकॉर्ड टूटा – Rajasthan News

राजस्थान में इतनी गर्मी कि बंद हो गया आईफोन:  हॉस्पिटल में फव्वारे लगाए, ढाबे-होटल कपड़े से कवर किए, बाड़मेर में रिकॉर्ड टूटा – Rajasthan News


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मरीजों का बॉडी टेम्प्रेचर मेंटेन रखने के लिए सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर फव्वारे लगाने पड़े।

आईफोन ने काम करना बंद कर दिया।

तपती सड़कों पर जूते पहनकर चल पाना भी मुश्किल।

होटल और चाय के ढाबों को कपड़ों से कवर करना पड़ा।

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में लोग गर्मी से बेहाल हैं। इस सीजन में पहली बार गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है। बाड़मेर में 1995 के बाद 12 मई यानी 31 साल बाद तापमान 49.9 डिग्री तक पहुंच गया था। जैसलमेर में भी तापमान दो दिन पहले 47 डिग्री तक पहुंच गया था। जोधपुर भी तप रहा है।

पढ़िए बाड़मेर-जैसलमेर और जोधपुर से ग्राउंड रिपोर्ट…

जब रिपोर्टर ने वीडियो शूट करने के लिए कैमरा ऑन किया तो इसमें वॉर्निंग मैसेज दिखाने लगा। इसमें लिखा था- फोन काफी गर्म हो गया है।

बाड़मेर @ 45.1 डिग्री

आईफोन बंद हो गया

दोपहर करीब 2 बजे का समय था। रिपोर्टर ने शहर के गर्मी के हालातों को दिखाने के लिए मोबाइल निकाला और वीडियो शूट करना शुरू किया। मुश्किल से 3 से 5 मिनट तक मोबाइल चला और फिर बंद हो गया। बंद होने से पहले स्क्रीन पर मैसेज आया- iphone need to cool down before you can use it. पांच मिनट बाद जब मोबाइल का टेम्प्रेचर सामान्य हुआ तो वह चलने लगा।

दोबारा वीडियो शूट किया, लेकिन इस बार मोबाइल 2 मिनट बाद ही हैंग होने लगा। मोबाइल एक्सपर्ट के अनुसार, गर्मी में ज्यादा टेम्प्रेचर होने पर मोबाइल बंद या हैंग होने लग जाता है। जब तक उसका टेम्प्रेचर सामान्य नहीं होता वह दोबारा शुरू नहीं होता।

करीब पांच मिनट के बाद भी जब कैमरा बंद नहीं किया तो मोबाइल की स्क्रीन में ये मैसेज आया और फिर फोन बंद हो गया।

करीब पांच मिनट के बाद भी जब कैमरा बंद नहीं किया तो मोबाइल की स्क्रीन में ये मैसेज आया और फिर फोन बंद हो गया।

हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर लगाए फव्वारे

इसके बाद टीम बाड़मेर के सरकारी हॉस्पिटल पहुंची। यहां मरीजों को गर्मी और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए इमरजेंसी वार्ड के बाहर फव्वारे लगाए गए हैं। पंखे की हवा के साथ ये फॉगिंग की तरह काम करते हैं। पीएमओ ने बताया कि बाहर का टेम्प्रेचर ज्यादा है। ऐसे में जैसे ही ठंडी फुहारें लगती हैं तो बॉडी का टेम्प्रेचर सामान्य हो जता है। इसके अलावा हीट स्ट्रोक के आने वाले मरीजों के दो वार्ड बनाए गए हैं। जगह-जगह ओआरएस कॉर्नर लगाए गए हैं।

बाड़मेर का सरकारी हॉस्पिटल है। यहां इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के लिए फव्वारे लगाए गए हैं।

बाड़मेर का सरकारी हॉस्पिटल है। यहां इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के लिए फव्वारे लगाए गए हैं।

तपती सड़कों पर जूते पहनकर भी नहीं चल पा रहे

बाड़मेर में सुबह 11 बजे बाद ही बाजार में सन्नाटा छाने लगा है। बीते 7 दिनों में 7 डिग्री तापमान बढ़ गया। 6 मई को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री था। 12 मई को यह बढ़कर 48.3 डिग्री पहुंच गया। सड़कें तपने लगती हैं। जूते पहनकर भी पैदल चलना मुश्किल है।

ग्रामीण विरधाराम ने बताया कि गांवों में गर्मी का असर ज्यादा है। यहां लाइट भी नहीं आ रही है। ग्रामीण मालाराम ने बताया कि घर के बाहर छप्परा बनाया है। गर्मी ज्यादा लगने में उसमें जाकर बैठ जाते है। वहां पर पानी डालते हैं, जिससे हवा के साथ ठंडक आ जाती है। मवेशियों के हाल बुरे हैं।

जैसलमेर@ 45.1 डिग्री

जैसलमेर के कलेक्ट्रेट चौराहे पर एक ढाबे को कपड़े से पूरी तरह से ढका गया है ताकि गर्मी से बचाव हो सके।

जैसलमेर के कलेक्ट्रेट चौराहे पर एक ढाबे को कपड़े से पूरी तरह से ढका गया है ताकि गर्मी से बचाव हो सके।

होटल और चाय के ढाबों को कपड़े से ढका

रिपोर्टर दोपहर करीब 12 बजे जैसलमेर शहर में निकला तो चौराहों पर सन्नाटा था। गर्मी के कारण पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी दो शिफ्ट में कर दी गई है। टीम जब शहर के कलेक्ट्रेट चौराहे पर पहुंची तो यहां एक नाश्ते और चाय के होटल को कपड़े से ढक रखा था।

होटल मालिक ने बताया कि गर्मी इतनी है भट्टियों के बीच खड़ा रह पाना भी मुश्किल हो जाता है। सूरज की रोशनी सीधी दुकान में पड़ती है तो लोगों को परेशानी होती है।

ऐसे में चारों तरफ से होटल को एक कपड़े से ढक दिया है ताकि यहां आने वाले लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ ही वहीं पर कूलर और पंखा भी लगा दिया गया है।

यहां भट्टी पर काम करने वाले गणेश पुरोहित ने बताया कि बाहर भले ही तापमान 47 डिग्री हो लेकिन भट्टी की गर्मी से 55 डिग्री गर्मी महसूस होती है।

जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल का सर्जिकल वार्ड। यहां के पंखे खराब हैं, जिससे परेशानी हो रही है।

जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल का सर्जिकल वार्ड। यहां के पंखे खराब हैं, जिससे परेशानी हो रही है।

हॉस्पिटल के सर्जिकल वार्ड में पंखा खराब, एसी भी काम नहीं कर रहा

टीम इसके बाद जवाहिर हॉस्पिटल पहुंची। 20 बेड के सर्जिकल वार्ड में मरीज पंखे और बिना ​पानी वाले कूलर के भरोसे थे। पूरे वार्ड में एक एसी लगा था, ​लेकिन इस गर्मी में वह भी बेअसर था।

यहां मरीज के साथ आई परिजन भावना परिहार ने बताया कि यहां हालात बाहर से ज्यादा खराब हैं। बाहर लू का डर है। अंदर उमस और गर्मी से दम घुट रहा है।

मरीज साजिद ने बताया कि इतने बड़े वार्ड में केवल एक एसी लगा है। वह भी ढंग से काम नहीं कर रहा है। पंखे की स्पीड भी इतनी नहीं है किर राहत मिल जाए। वार्ड में जो कूलर चल रहा है, वह भी बिना पानी के है। ऐसे में मरीजों को कैसे राहत​ मिलेगी।

जैसलमेर जिले की एक गोशाला के लिए ये कूलर मंगवाया गया है।

जैसलमेर जिले की एक गोशाला के लिए ये कूलर मंगवाया गया है।

जैसलमेर में गर्मी का असर इतना है कि गोशाला में भी कूलर लगाए जा रहे हैं। जिले के मूलसागर गांव स्थित तुलसी गोशाला में करीब सवा लाख की कीमत के कूलर लगाया जाएगा।

इसमें डक सिस्टम होगा जो 1200 स्क्वायर फीट जगह को कवर करेगा। इस गोशाला में 1300 से ज्यादा गाय हैं। बीमार गायों के लिए एक हॉस्पिटल भी बनाया है, जहां अभी 100 गायों का इलाज चल रहा है। ये कूलर हॉस्पिटल में लगेगा।

जोधपुर@ 44 डिग्री

फोटो जोधपुर के कैफे का है। यहां पर गर्मी से बचने के लिए पानी के छोटे-छोटे फव्वारे लगाए गए हैं।

फोटो जोधपुर के कैफे का है। यहां पर गर्मी से बचने के लिए पानी के छोटे-छोटे फव्वारे लगाए गए हैं।

दिनभर भट्‌टी के पास तपना पड़ता है

जोधपुर स्थित मिठाई की दुकान पर भट्टी पर काम करने वाले कारीगर संतोष गिरी ने बताया- परिवार चलाने के लिए काम करना मजबूरी है। 45 डिग्री गर्मी में दिनभर भट्‌टी के पास तपना पड़ता है। वहीं गर्मी से बचने के लिए यहां के कैफे में पानी के फव्वारे लगाए गए हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है।

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रताप सिंह तंवर ने बताया- गर्मी का असर सालों से देख रहे हैं, लेकिन इस गर्मी का असर ज्यादा नजर आ रहा है। शहर में पीने के पानी की प्याऊ भी नहीं है। जोधपुर शहर में दिन के समय का तापमान 46 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। गर्मी को लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर आलोक रंजन ने हीटवेव को लेकर संबंधित विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

गुरुवार को भी जोधपुर शहर में गर्मी का असर तेज था। ऐसे में नगर निगम की ओर से पानी का छिड़काव किया गया।

गुरुवार को भी जोधपुर शहर में गर्मी का असर तेज था। ऐसे में नगर निगम की ओर से पानी का छिड़काव किया गया।

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