अररिया में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष जनभागीदारी अभियान ‘जनभागीदारी- सबसे दूर, सबसे पहले’ चलाया जाएगा। यह अभियान जिले के पलासी प्रखंड में 18 मई से 25 मई तक चलेगा। इसका शुभारंभ 18 मई को अररिया के जिला पदाधिकारी समाहरणालय परिसर से करेंगे। अभियान के तहत पलासी प्रखंड की 5 पंचायतों के 10 अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें बलुआ (बलुआ कलियागंज), रामनगर (कुजरी), बेलवाड़ी, बेनी, लोखडा (पकड़ी), दीपनगर, बड़गांव, सोनाकन्दर (नकटाखुर्द), खपड़ा और बरौली (बरहकुंबा) गांव शामिल हैं। स्वास्थ्य जांच और दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी इन चिन्हित गांवों में 19 मई से 25 मई तक एकीकृत शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, उनका त्वरित निष्पादन होगा और प्रमाण-पत्रों का वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य जांच और दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अभियान के दौरान 21 मई से 25 मई तक जनसुनवाई का आयोजन होगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों की समस्याएं सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। अररिया के जिला कल्याण पदाधिकारी को इस अभियान का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। छात्रवृत्ति, पेंशन जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े जनजातीय परिवारों को सरकारी योजनाओं का सहज और समयबद्ध लाभ दिलाना है। आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वन अधिकार, छात्रवृत्ति, पेंशन जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और अभियान की सफलता के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को जनजातीय क्षेत्रों में मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे दूरदराज के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और शासन-जनता के बीच की दूरी कम होगी। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पंचायत के विकास मित्र या प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, पलासी से संपर्क किया जा सकता है।
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