राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने ग्रीष्मावकाश से पूर्व अंतिम कार्यदिवस (शनिवार) के लिए प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निदेशक सीताराम जाट के आदेश के अनुसार, इस बार छुट्टियों में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और जीव-दया से जोड़ने के लिए पुस्तक साथी एवं ग्रीष्मकालीन अधिगम कार्यक्रम शुरू किया गया है। गोपालन विभाग के मिशन संरक्षण के तहत सभी स्कूलों में परिंडे लगाना अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को परिंडों में नियमित दाना-पानी भरने और विद्यार्थियों को अपने घरों में भी पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने हेतु प्रेरित करने को कहा गया है। साथ ही, विद्यालय के पौधों को जीवित रखने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। नई शिक्षा नीति (2020) के तहत विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने के लिए लाइब्रेरी की कम से कम एक पुस्तक प्रत्येक छात्र को अनिवार्य रूप से जारी की जाएगी। छात्रों को अवकाश के दौरान पुस्तक पढ़कर उसका शीर्षक, मुख्य पात्र, कथानक और उससे प्राप्त प्रेरणा पर एक पेज की समीक्षा लिखनी होगी। स्कूल खुलने पर प्रत्येक कक्षा से श्रेष्ठ 3 समीक्षाओं का चयन किया जाएगा और संबंधित विद्यार्थियों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। निरंतरता बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों को गणित में 1 से 500 तक गिनती, पहाड़े, जोड़-बाकी और हिंदी-अंग्रेजी में नियमित सुलेख व श्रुतिलेख का अभ्यास कार्य दिया जाएगा। चेकलिस्ट में ये प्वाइंट अधिकारी बोले- तैयारी पूरी
डीईओ-माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती और डीईओ-प्रारंभिक चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि आदेशों की पालना को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अंतिम कार्यदिवस पर सुरक्षा और नवाचारों से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूर्ण करें ताकि शिक्षण कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
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