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20 मई को जोधपुर पहुंचेगा इंदिरा गांधी नहर का पानी: जलदाय विभाग के अधिकारियों ने तख्तसागर-कायलाना झील पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा – Jodhpur News

20 मई को जोधपुर पहुंचेगा इंदिरा गांधी नहर का पानी:  जलदाय विभाग के अधिकारियों ने तख्तसागर-कायलाना झील पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा – Jodhpur News

गर्मी के मौसम और बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए जलदाय विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों ने तख्तसागर और कायलाना झील पहुंचकर जल भंडारण और सप्लाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, जोधपुर को 20 मई से इंदिरा गांधी नहर का पानी मिलने लगेगा। इंदिरा गांधी नहर से पानी पहुंचाने में देरी होने और घटती स्टोरेज के बीच PHED चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी, एडिशनल चीफ इंजीनियर दिनेश कुमार नागोरी और शहर अधीक्षक अभियंता (एसई) राजेंद्र मेहता ने तख्त सागर झील और कायलाना झील का दौरा किया। उन्होंने वहां पानी की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। तख्तसागर और कायलाना झील में 4 दिन का पानी बचा चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी ने बताया कि तख्तसागर और कायलाना झील में 4 दिन का पानी बचा हुआ है। जैसे हमने प्लानिंग कर रखी है, 20 तारीख की शाम तक यहां से पेयजल व्यवस्था की जाएगी । 20 तारीख की शाम को इंदिरा गांधी नहर का पानी कायलाना पर मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले प्लानिंग के तहत पंजाब इंदिरा गांधी नहर में 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता था। अभी उन्होंने 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। इससे पहले 19 मई दोपहर को पहुंचने का अनुमान था जो अब 18 मई शाम तक पहुंच जाएगा। पानी हनुमानगढ़ फिलहाल हनुमानगढ़ पहुंच गए और उसमें 2000 क्यूसेक का फ्लोर मेंटेन है। पानी के पहुंचने में 55 से 60 घंटे लगेंगे। 22 में से पेयजल की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।, शहर में पेयजल आपूर्ति की निगरानी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (नगर वृत्त) के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया कि नहरबंदी के बाद जोधपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी और आवश्यक प्रबंधन किया जा रहा है। 10 मई की बजाय 14 मई को मिलना हुआ शुरू उन्होंने बताया कि नहरबंदी के बाद 10 मई 2026 से नहर में पानी चालू होना प्रस्तावित था, किन्तु 14 मई तक देरी होने की स्थिति में एहतियात के तौर पर मुख्य अभियंता स्तर पर रेलवे विभाग से संभावित पेयजल परिवहन को लेकर पत्राचार किया गया था। हालांकि, 14 मई को नहर में पुनः पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाने से वर्तमान में रेल द्वारा जल परिवहन की कोई आवश्यकता नहीं है। मेहता ने बताया कि 16 मई 2026 की स्थिति में जोधपुर शहर की पेयजल सप्लाई के लिए कायलाना में 4 दिन, तख्त सागर में 3 दिन और सुरपुरा डिग्गी में 6 दिन का पेयजल स्टोरेज उपलब्ध है। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 18 मई को निर्धारित शटडाउन लिया जाएगा। 21 मई को लिया जाएगा शटडाउन उन्होंने बताया कि जोधपुर की डिग्गियों में नहर का पानी 20 मई की रात्रि अथवा 21 मई की सुबह तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद 21 मई को आवश्यक शटडाउन लिया जाएगा और 22 मई से शहर की पेयजल सप्लाई सामान्य रूप से संचालित की जाएगी। टैंकर के जरिए भी हो रही पेयजल सप्लाई मेहता ने बताया कि शहर की पेयजल सप्लाई में सुधार के लिए सभी प्रमुख जल स्रोतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही समस्याग्रस्त क्षेत्रों में 11 मई से टैंकरों के माध्यम से पेयजल परिवहन एवं आपूर्ति भी निरंतर जारी है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने बताया कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए 18 टीमें लगी हुई है। इस साल 426 अवैध कनेक्शनों को काटा गया है।



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