जयपुर जिले की जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष माधवी दिनकर ने सोमवार को महिला जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में महिला बंदियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं, बैरकों की साफ-सफाई, चिकित्सा व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने महिला बंदियों से चर्चा करके उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बंदी के विधिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। डीजे ने जेल प्रशासन को बीमार महिला बंदियों के समुचित इलाज और उनके साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पैरवी के लिए निशुल्क वकील उपलब्ध होंगे निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार जीनवाल ने जेल में बंद ऐसी महिला बंदियों की जानकारी ली, जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन बंदियों के पास पैरवी के लिए वकील नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क विधिक सहायता (सरकारी वकील) तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन्हें समय पर न्याय मिल सके। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कनिष्ठ सहायक प्रसून दीक्षित भी साथ रहे।
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