शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब पुलिस के DSP कमलमीत सिंह पर अपनी पत्नी और मजीठा से विधायक गनीव कौर मजीठिया के साथ बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। बिक्रम मजीठिया ने कहा कि एक चुनी हुई महिला विधायक के साथ जिस तरीके से व्यवहार किया गया, वह बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि DSP का रवैया अहंकारी और अपमानजनक था। उन्होंने कहा कि वर्दी सम्मान जरूर देती है, लेकिन महिलाओं से सम्मानपूर्वक बात करने की तमीज इंसान की परवरिश से आती है। उन्होंने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब पुलिस अब सत्ता के दबाव में काम कर रही है और विपक्षी नेताओं के साथ बदसलूकी आम होती जा रही है। अकाली नेता ने DSP कमलमीत सिंह का तुरंत डोप टेस्ट करवाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पंजाब के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस तरह के व्यवहार के पीछे आखिर क्या वजह है। उन्होंने कहा कि DSP का यह रवैया सिर्फ एक महिला विधायक का अपमान नहीं, बल्कि वर्दी की गरिमा और पुलिस विभाग की छवि को भी धूमिल करता है मजीठिया ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्या था पूरा मामला? दरअसल, विधायक गनीव कौर ने अपने क्षेत्र मजीठा में नगर कौंसिल चुनावों को लेकर नामांकन प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों और पुलिस द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा था। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की। गनीव कौर ने कहा कि लोकतंत्र में हर उम्मीदवार को बराबर अवसर मिलना चाहिए। इसी दौरान आरोप है कि विधायक गनीव कौर के साथ बदसलूकी की गई ।
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