मुख्य बातें

सुनसान इलाके में मिली खून से लथपथ लाश: व्यापार के लिए जाने की कहकर हरियाणा से आया था, रेत में मिला हत्या का सुराग, पार्ट-1 – Rajasthan News

सुनसान इलाके में मिली खून से लथपथ लाश:  व्यापार के लिए जाने की कहकर हरियाणा से आया था, रेत में मिला हत्या का सुराग, पार्ट-1 – Rajasthan News

साल 2019, पोकरण (जैसलमेर) का अवाय गांव। जैसलमेर के धोरों में जब तेज हवाएं चलती हैं तो वे अपने साथ कई राज भी दफन कर लेती हैं। साल 2019 में जनवरी की एक सुबह सर्द हवाओं ने राज दफन करने की बजाय अवाय गांव के पास एक ऐसे राज से पर्दा उठाया, जिससे गांव वाले और पुलिस सकते में आ गई। 12 जनवरी 2019 को सुबह के वक्त अवाय गांव का एक ग्रामीण अपनी भेड़ों को लेकर मेघवालों की ढाणी की ओर जा रहा था। सुनसान जगह पर चरती हुई भेड़ों को देखते हुए उसकी नजर पानी की टंकी के पास ठिठकी। पास जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। ग्रामीण की चीख निकल पड़ी सुबह-सुबह वहां का मंजर देखकर एक बार तो ग्रामीण की चीख निकल गई। वहां रेत का रंग लाल हो चुका था। ध्यान से देखा तो कोई युवक पड़ा हुआ था। किसी प्रकार की कोई हरकत नहीं हो रही थी। कुछ देर बाद खुद को संभालते हुए ग्रामीण ने गौर किया तो किसी युवक का शव दिखा। बिना देर किए ग्रामीण ने गांव वालों को सूचित किया। वारदात वाली जगह पर युवक का गला किसी धारदार हथियार से इस तरह रेता गया था कि गर्दन बस खाल के सहारे टिकी थी। चेहरा खून से सना हुआ था। रेत पर टायरों के गहरे निशान मिले सूचना मिलते ही नाचना थाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर संघर्ष और रेत पर टायरों के गहरे निशान पड़े थे। शव मिलने की सूचना पर घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट चुके थे। शव किसका था, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस के लिए यह कत्ल पहेली बन गया था, न शव की शिनाख्त, न कोई चश्मदीद और न ही हत्या का मकसद। हरियाणा के युवक के रूप में पहचान हुई मौके पर एकत्रित हुए लोगों से पूछताछ पर जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवा कर जांच शुरू कर दी। इस दौरान जब पुलिस ने युवक (मृतक) की जेबें खंगाली और तकनीकी टीम की मदद ली तो उसकी पहचान हरियाणा के फतेहाबाद निवासी कालाराम के रूप में हुई। पुलिस हैरान थी कि हरियाणा का युवक सीमावर्ती जिले जैसलमेर के इस सुनसान इलाके में क्या कर रहा था? शिनाख्त होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई तो उन्होंने बताया कि कालाराम कुछ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ काम के सिलसिले में राजस्थान जाने की बात कहकर निकला था। मौके पर पुलिस को मिला अहम सुराग इस दौरान पुलिस ने जब घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया तो उन्हें एक अहम सुराग मिला। पास ही रेत में एक गाड़ी के बुरी तरह फंसने और उसे धक्का देकर निकालने के निशान थे। पुलिस को समझ आ गया कि युवक को इस जगह पर लाकर मारा गया है या फिर हत्यारे कोई बाहरी थे, जिन्हें रेगिस्तान के रास्तों का अंदाजा नहीं था। आशंका ये भी थी कि युवक को भरोसे में रखकर यहां लाया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इसी बीच पुलिस को कुछ लोगों के बारे में जानकारी मिली, जो पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में संदिग्ध रूप से देखे गए थे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इन लोगों की कालाराम से क्या दुश्मनी थी? क्या यह पैसों का मामला था या कोई पुरानी रंजिश? या फिर इस कत्ल के पीछे कोई ऐसा चेहरा था, जो अब भी पुलिस की नजरों से ओझल था? सस्पेंस तब और गहरा गया जब पता चला कि कत्ल की रात कालाराम के साथ जो लोग गाड़ी में मौजूद थे, वे उसके अपने करीबी थे। आखिर उन अपनों ने उसे मौत के घाट उतारने के लिए हरियाणा से 500 किलोमीटर दूर इस वीरान जगह को ही क्यों चुना? कल राजस्थान क्राइम फाइल्स, पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *