पंजाब रोडवेज पनबस मुलाजिमों की ओर से अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। अपनी मांगों के समर्थन में आज पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ तीखा रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते पठानकोट रोडवेज डिपो को पूर्ण तौर पर बंद रखा गया, जिससे सरकारी बस सेवा पूरी तरह ठप रही और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान आक्रोशित मुलाजिमों ने बस स्टैंड परिसर में पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक विशाल रोष रैली निकाली। खोखले साबित हुए सरकार के वादे: मुलाजिम नेता
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष लवली सहित अन्य नेताओं ने कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार ने सत्ता में आने से पहले सूबे के कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए थे। विशेष रूप से कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आज 4 साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी सरकार का रुख मुलाजिमों के प्रति उदासीन बना हुआ है। सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने नहीं आया, जिससे साफ है कि चुनाव से पहले किए गए सारे दावे पूरी तरह खोखले थे।
सरकार ने सड़कों पर उतरने को किया मजबूर
मुलाजिम तालमेल कमेटी का कहना है कि सरकार ने हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया है। 4 साल से हम सिर्फ खोखले आश्वासन सुन रहे हैं। अगर जेल में बंद हमारे साथियों को नहीं छोड़ा गया और ब्लैक लिस्टेड स्टाफ बहाल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
पठानकोट डिपो और बस स्टैंड पर पूरी तरह से कामकाज ठप रहने के कारण दूर-दराज के रूटों पर जाने वाले यात्रियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर बसें न मिलने के कारण लोग निजी वाहनों और ऑटो का सहारा लेने को मजबूर दिखे। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो पूरे पंजाब में चक्का जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मुख्य मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी कर्मचारी नेताओं ने साफ किया कि जब तक सरकार उनकी निम्नलिखित जायज मांगों को पूरा नहीं करती, उनका संघर्ष जारी रहेगा: कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए: बरसों से सेवाएं दे रहे पनबस और रोडवेज के कच्चे मुलाजिमों को बिना किसी देरी के रेगुलर (पक्का) किया जाए। जेल में बंद मुलाजिमों की रिहाई: पिछले 6 महीने से कथित रूप से जेल में बंद उनके बेकसूर साथी मुलाजिमों को तुरंत रिहा किया जाए। ब्लैक लिस्टेड स्टाफ की बहाली: पंजाब सरकार द्वारा बिना किसी ठोस गलती के ब्लैक लिस्ट किए गए ड्राइवर (चालक) और कंडक्टर (परिचालक) को तत्काल बहाल कर ड्यूटी पर वापस लिया जाए।
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