बाड़मेर में नगर परिक्रमा सुबह 5 बजे वीर हनुमान मंदिर दर्शन करने के साथ शुरू हुई। 25 किलोमीटर लंबी परिक्रमा में महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हुए। भजन-कीर्तन करने के साथ जयश्रीराम के नारे लगाते परिक्रमा चल रही है। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए है। परिक्रमा का मुख्य ठहराव जसदेर धाम रहेगा। शाम को फिर से हनुमान मंदिर पहुंचकर समापन होगा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह परिक्रमा अधिकमास तीन साल में होती है। पहले देखिए तस्वीरें… महंत खुशालगिरी महाराज ने बताया- बाड़मेर में बीते 65 सालों से इस धार्मिक परंपरा के तहत नगर परिक्रमा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक आस्था का जीवंत उत्सव है। पुरुषोत्तम मास जिसे अधिक मास भी कहा जाता है। सनातन धर्म में इसे भगवान का सबसे अधिक प्रिय मास माना जाता है। यह मास स्वयं भगवान का प्रतीक है। जिसमें सूर्य की किरणें, चंद्रमा की चांदनी, पंच भूत समेत सम्पूर्ण सृष्टि और सृष्टि का कण कण भगवान मय हो जाता है। और परमपिता परमेश्वर की आराधना करती है. शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में किया गया जप, तप, दान पुण्य का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। कमेटी ने भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पानी की व्यवस्था की गई है। वहीं परिक्रमा नेशनल और स्टेट हाईवे से निकलने वाले रास्तों पर पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं में परिक्रमा को लेकर जबदस्त उत्साह देखने को मिला। वहीं बीच रास्ते में चुनरी को पेड़ों से बांधकर मन्नतें मांगी गई। 25 किलोमीटर तक नगर परिक्रमा परिक्रमा हनुमान मंदिर सदर बाजर से शुरू हुई। परिक्रमा चौहटन सर्किल, महावीर सर्किल, रावली ढाणी स्कूल, हिल पॉइंट, गोपाल गोशाला पहुंच गई है। अब यह परिक्रमा हिंगलाज मंदिर, इंद्रानगर, इंद्रा कॉलोनी, नवले की चक्की, महिला पुलिस थाना होते हुए जसदेर तालाब दोपहर तक पहुंचेगी। यहां पर श्रद्धालुओं का ठहराव होगा। यहां पर अधिकमास की कथा होगी। भजन-कीर्तिन किए जाएंगे। संत-महात्माओं के प्रवचन होंगे। जसदेर धाम में विश्राम के बाद परिक्रमा फिर शुरू होगी। परिक्रम सिणधरी सर्किल, सफेद आकड़ा होते हुए वापस सदर बाजार स्थित हनुमान मंदिर पहुंचेगी।
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