छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र में अगले 5 दिनों तक अलग-अलग इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना जताई है। वहीं अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। वहीं सुबह 11 से 12 बजे के बीच घर से न निकलें। इस एक घंटे के दौरान प्रदेश में UV रेज की तीव्रता एक्सट्रीम लेवल पर होगी। यानी इस बीच अगर आप सीधे सन लाइट के कान्टैक्ट में आते हैं तो आपकी त्वचा और आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। मेकाहारा में डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD मृत्युजंय सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में त्वचा पर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी में पानी बचाने के 11 तरीके जान लीजिए गर्मियों में पीने, नहाने, खाना पकाने और साफ-सफाई में भी पानी की खपत बढ़ जाती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम पानी स्टोर करने के आसान टिप्स समझेंगे। साथ ही जानेंगे- गर्मियों में पानी की किल्लत क्यों होती है और गर्मियों में घर में कितने पानी का स्टोरेज होना चाहिए? पढ़ें पूरी खबर… सुबह 10 बजे के बाद तेजी से बढ़ेगा खतरा सुबह 8 बजे UV रेज की तीव्रता 1 रहेगी, जो 9 बजे तक बढ़कर 5 पर आ सकता है। 10 बजे यह सीधे 9 तक पहुंच जाएगा। 11 से 12 बजे के बीच 11 के बीच होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे तक 9 के स्तर तक पहुंचेगा। ऐसे में बहुत जरूरी काम हो तभी 12 के बाद निकलें। क्योंकि 9 का लेवल भी खतरनाक है। 2 बजे के बाद सावधानी के साथ आप निकल सकते हैं।
रायपुर माना सबसे गर्म, अंबिकापुर रहा सबसे ठंडा पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान रायपुर के माना क्षेत्र में सबसे अधिक 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई, लेकिन इसका गर्मी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। अगले दो दिन मौसम रहेगा शुष्क मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दिन के समय लू का असर बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सतर्क रहने की सलाह दी है। रायपुर में दिन और रात गर्म आज मौसम साफ रहेगा, अधिकतम तापमान 45°C और न्यूनतम तापमान 30°C के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। बिलासपुर में 45° तापमान, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी बिलासपुर में तापमान 45 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा सतर्क रहने कहा गया है। इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर 87706-64365 और 75870-38622 जारी किए गए हैं। रायगढ़ में पंखे-कूलर भी पड़े बेअसर रायगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। जिले का तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे दिन में तपती धूप और रात में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली। हालत यह है कि पंखे और कूलर भी बेअसर नजर आ रहे हैं। धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गर्मियों में मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट के केस 8% तक बढ़ जाते हैं। डिहाइड्रेशन, खराब स्लीप पैटर्न और डेली रूटीन में बदलाव मिलकर ‘मेंटल बैलेंस’ को प्रभावित करते हैं। इसलिए जानेंगे कि गर्मी ब्रेन को कैसे प्रभावित करती है। किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है? इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं? ……………………. मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- टेंपरेचर बढ़ने पर बढ़ता गुस्सा, चिड़चिड़ापन:समझें ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर, जानें दिमाग को कैसे शांत रखें गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
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