झालावाड़ जिले में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला परिषद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन, छात्र-छात्राएं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए कहा कि वे दैनिक जीवन में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे और इसकी बर्बादी नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी प्रण लिया कि वे अपने परिवार, समाज और कार्यस्थल पर जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। बारिश के पानी के संग्रहण पर भी दिया जोर
संकल्प में वर्षा जल संग्रहण और संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही, कुएं, बावड़ी और तालाब जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन में सहयोग करने का आह्वान किया गया। इसके अलावा नलों, टंकियों और पाइप लाइनों से होने वाले जल रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात भी कही गई। अभियान के दौरान भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण संरक्षण, “हरियालो राजस्थान”, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी दोहराया गया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभी से जल बचाने के प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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