प्रदेश में जनगणना कार्य में लगे 60 हजार शिक्षक अपनी छुट्टियों को लेकर असंतुष्ट हैं। 31 मई को उनकी ग्रीष्मकालीन छुट्टियां समाप्त हो रही हैं, जिसके बाद उन्हें विद्यालयों में लौटना होगा। राज्य शिक्षक संघ ने भीषण गर्मी का हवाला देते हुए इन छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ाने और नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू करने की मांग की है। राज्य शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश यादव खरगोन ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को एक पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसे में विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में शिक्षकों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। संघ ने यह भी बताया कि शासन स्तर पर विद्यार्थियों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां 15 जून तक निर्धारित हैं, जबकि शिक्षकों की छुट्टियों में कटौती कर उन्हें 31 मई तक ही सीमित कर दिया गया है। शिक्षकों में इस असमानता के कारण असंतोष व्याप्त है। खरगोन जिले में भी लगभग 1200 शिक्षक जनगणना ड्यूटी में लगे हुए हैं। राज्य शिक्षक संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि शिक्षकों को भी विद्यार्थियों के साथ 15 जून से ही विद्यालयों में बुलाया जाए, ताकि वे भीषण गर्मी से सुरक्षित रह सकें और नए शैक्षणिक सत्र की बेहतर तैयारी कर सकें।
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