चंडीगढ़ में अवैध इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए सेक्टर-26 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और इमिग्रेशन फ्रॉड के कई मामलों में भगोडे़ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान युवराज सोबती और हरनीत वालिया के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में कई एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मामला शिकायतकर्ता बबीता की शिकायत पर दर्ज किया गया। बबीता ने अपने भाई विवेक कुमार की ओर से शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर 23 मई 2026 को सेक्टर-26 थाना में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 340(2) और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि युवराज सोबती और हरनीत वालिया ने न्यूजीलैंड में वर्क परमिट और नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़ी रकम ठग ली। ऑफिस बंद कर फरार हो गए आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सेक्टर-26 स्थित MY SOHO Workspace, टिंबर मार्केट में M/S Truway Consultancy Pvt. Ltd. नाम से इमिग्रेशन फर्म चला रहे थे। आरोपी लोगों को भरोसा दिलाते थे कि वे उन्हें न्यूजीलैंड भेजेंगे और नौकरी, वीजा फाइलिंग व दस्तावेजों की पूरी व्यवस्था करेंगे। आरोप है कि बड़ी रकम लेने के बाद दोनों ने अचानक ऑफिस बंद कर दिया और फरार हो गए। शिकायतकर्ता समेत कई लोगों से करीब 59 लाख 92 हजार रुपये की ठगी की गई है। मामला दर्ज होने के बाद सेक्टर-26 थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी और इमिग्रेशन फ्रॉड के कई केस दर्ज हैं। आरोपियों का प्रोफाइल पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी की पहचान युवराज सोबती के रूप में हुई है। वह मोहाली के सेक्टर-123 स्थित सनी एन्क्लेव का रहने वाला है। युवराज ग्रेजुएट है और पिछले कई वर्षों से इमिग्रेशन कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह सेक्टर-26 स्थित MY SOHO Workspace, टिंबर मार्केट में M/S Truway Consultancy Pvt. Ltd. नाम से इमिग्रेशन फर्म संचालित कर रहा था। आरोप है कि वह लोगों को न्यूजीलैंड में वर्क परमिट, जॉब प्लेसमेंट, वीजा फाइलिंग और दस्तावेज तैयार करवाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलता था। वहीं, दूसरी आरोपी हरनीत वालिया है, जो मोहाली के फेज-6 की रहने वाली है। वह भी ग्रेजुएट है और युवराज सोबती के साथ इमिग्रेशन कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हरनीत वालिया भी लोगों को विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर भरोसे में लेकर रकम वसूलने में शामिल थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी सेक्टर-26 थाना में इमिग्रेशन फ्रॉड और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं।
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