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बहादुरगढ़ का रिहायशी सेक्टर 6 जलभराव के बाद बदहाल: हादसों का कारण बनीं टूटी सड़कें, निकलने में डरते हैं महिलाएं-बुजुर्ग – bahadurgarh (jhajjar) News

बहादुरगढ़ का रिहायशी सेक्टर 6 जलभराव के बाद बदहाल:  हादसों का कारण बनीं टूटी सड़कें, निकलने में डरते हैं महिलाएं-बुजुर्ग – bahadurgarh (jhajjar) News


सेक्टर 6 की सड़कों में गड्ढे व गुजरते वाहन।

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ का पहला रिहायशी सेक्टर-6 इस समय बदहाल स्थिति से गुजर रहा है। हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद सेक्टर की सड़कों पर जलभराव हो गया था। पानी उतरने के बाद अब इन सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि स्थानीय लोगों के लिए यहां से गुज

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सड़क पर गड्ढों का दृश्य।

सड़कों में बने 5 से 6 इंच के गड्ढे

स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़कों में बने गड्ढों की गहराई 5 से 6 इंच से अधिक है। इन गड्ढों की चौड़ाई और लंबाई भी इतनी ज्यादा है कि किसी भी दोपहिया वाहन ड्राइवर के लिए यह जानलेवा साबित हो सकते हैं। सेक्टरवासियों का कहना है कि हर दिन लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे यहां से निकलने में डरते हैं।

इतना ही नहीं, सड़कों पर बजरिया भी उखड़ चुकी है, जिससे फिसलन की स्थिति बन रही है।

प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि यदि प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वार्ड-29 के पार्षद सत्य प्रकाश छिक्कारा और सेक्टर-6 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जयपाल सांगवान ने मामले में प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

सेक्टर 6 की सड़कों का हाल।

सेक्टर 6 की सड़कों का हाल।

विकास की असली तस्वीर पेश

उनका कहना है कि सेक्टर-6 न केवल बहादुरगढ़ का बल्कि प्रदेश का पहला रिहायशी सेक्टर है, लेकिन मौजूदा स्थिति यहां के विकास की असली तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो सेक्टरवासी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की मांग

सेक्टरवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से बेहतर सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। अब वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द गड्ढों को भरकर सड़कों की मरम्मत की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी की जान पर बन आने जैसी स्थिति पैदा न हो।



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