टोंक जिले में 14 मार्च को आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में आए बदलाव के चलते गुरुवार सुबह हल्के बादल छाए रहे और मध्यम गति से हवा चली, जिससे तेज धूप से लोगों को कुछ राहत मिली। इसके साथ ही पिछले 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि संभावित बारिश को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। हवा चलने से कम हुआ गर्मी का असर पिछले करीब एक सप्ताह से जिले में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ने लगा था। गुरुवार सुबह से मौसम में बदलाव देखने को मिला और आसमान में हल्के बादल छा गए। मध्यम गति से हवा चलने के कारण पहले के मुकाबले गर्मी का असर कम महसूस हुआ। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान करीब 2 डिग्री गिरकर लगभग 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी करीब 2 डिग्री गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार सर्दी और कोहरे का असर कम रहा जानकारों के अनुसार इस साल जिले में कड़ाके की सर्दी का असर अपेक्षाकृत कम रहा। वहीं कोहरे की स्थिति भी पिछले वर्षों की तुलना में कम देखने को मिली। मार्च माह की शुरुआत के साथ ही गर्मी का सीजन शुरू हो गया था और तेज धूप के कारण लोग परेशान रहने लगे थे। कई घरों में कूलर और पंखों का इस्तेमाल भी शुरू हो गया था। बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता प्रदेश में 14 मार्च से कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव को इसी संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी बीच किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जिले में इन दिनों करीब 60 फीसदी सरसों और लगभग 30 फीसदी गेहूं की फसल कट चुकी है। करीब 50 फीसदी सरसों की फसल किसानों ने थ्रैशर से निकालकर तैयार कर ली है, जबकि गेहूं की फसल अभी खेतों में ही सुखाने के लिए रखी हुई है। कई स्थानों पर सरसों की कटी फसल खेतों में पड़ी है। हालांकि आधी सरसों की फसल किसान तैयार कर चुके हैं और कुछ किसान इसे बाजार में बेच भी चुके हैं। ऐसे में यदि बारिश होती है तो खेतों में पड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
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