जैसलमेर जिले के सोनू रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। स्टेशन मास्टर के ऑफिस की सीलिंग का प्लास्टर अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर मनीष कुमार सोमनानी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। उनको तुरंत रामगढ़ CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाया गया जहां प्राथमिक इलाज के बाद जवाहिर हॉस्पिटल जैसलमेर लाया गया जहां उनका इलाज किया गया। करीब 6 साल पहले बनाए इस भवन की जर्जर स्थिति ने इंजीनियरिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद रेल प्रशासन ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
सिर बच गया, पैर में आई गंभीर चोट घटना रविवार, 10 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे की है। रेलवे के सोनू स्टेशन मास्टर मनीष कुमार सोमनानी अपने ऑफिस में रूटीन काम कर रहे थे। इसी दौरान छत का करीब एक इंच मोटा भारी-भरकम प्लास्टर अचानक उखड़कर नीचे आ गिरा। प्लास्टर सीधे मनीष के पैरों पर गिरा। गनीमत रही कि उस वक्त वे झुके नहीं थे, वरना प्लास्टर सीधे सिर पर गिरता तो जानलेवा साबित हो सकता था।मलबे की चोट इतनी गहरी थी कि उनके पैर से काफी खून बहने लगा। चीख-पुकार सुनकर कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्हें संभाला। सिर्फ 6 साल में ही जर्जर हुआ निर्माण हैरानी की बात यह है कि सोनू स्टेशन का निर्माण साल 2020 में ही हुआ था। महज 6 साल के भीतर ही नई बिल्डिंग की छत का गिरना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि घटिया निर्माण सामग्री के कारण यह हादसा हुआ। ‘सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’-रेलवे अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) करनी राम ने बताया कि सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल स्टेशन मास्टर मनीष कुमार सोमनानी को तत्काल प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराया गया। फिलहाल वे सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया- रेलवे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की गई है। इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सोनू स्टेशन के अन्य भवनों की भी जांच कर उनका निरिक्षण करे। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत शुरू करवा दी गई है।
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